नियंत्रण रेखा पर सैनिकों के साथ अमानवीय व बर्बर कार्रवाई पर पाकिस्तान को अब तक कड़ा संदेश नहीं देने पर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि यह बड़े आश्चर्य की बात है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस मसले पर अब तक एक शब्द भी नहीं बोला है।
नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की अमानवीय कृत्य के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने के लिए देशव्यापी आंदोलन के बाद भाजपा ने अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा है। जेटली ने सवाल किया है कि आखिरकार प्रधानमंत्री इस बर्बर घटना पर खामोश क्यों हैं? उन्हें अपना मुंह खोलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के रुख से अब तक ऐसा नहीं दिखा है कि पाकिस्तान को कोई कड़ा संदेश दिया गया हो। सरकार इस मामले में कमजोर दिख रही है। सरकार को इस घटना को एक चेतावनी के तौर पर लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
जेटली ने यूपीए सरकार को हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाहरी व आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज की बात अलग है, राजधानी दिल्ली तक में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। लोग महंगाई से त्रस्त हैं और सरकार इस पर काबू करने में विफल रही है।
सैनिक के कटे सिर का सूद समेत हिसाब ले केंद्र
इधर भाजपा के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि देश नियंत्रण रेखा पर शहीद जवान के कटे सिर का पाकिस्तान से सूद समेत हिसाब चाहता है। अमन की बातचीत आतंकवाद के अखाड़े में नहीं हो सकती। आज पाकिस्तान पूरी तरह से आतंकवाद का अखाड़ा बन चुका है, जहां आतंकवाद के कायर पहलवान शैतानी की कुश्ती लड़ रहे हैं।
नकवी ने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने की जरूरत है, क्योंकि बिना भय प्रीत नहीं हो सकती। इसलिए पाकिस्तान में चल रही आतंकवाद की फैक्ट्री को तबाह करना होगा। पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा नेता ने कहा कि वह सीमा पर लगातार संघर्ष विराम के समझौते का उल्लंघन कर रहा है और भारतीय सैनिकों व नागरिकों को निशाना बना रहा है। नकवी ने कहा कि दूसरी ओर हम अमन की आशा लिए आतंकवाद के अखाड़े की शैतानी साजिश देख रहे हैं।