नरेंद्र मोदी कि जाति के सवाल पर कांग्रेस के हमले के खिलाफ भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस की छबीलदास मेहता सरकार ने ही मोध घांची जाति को ओबीसी में शामिल किया था। नरेंद्र मोदी इसी जाति से ताल्लुक रखते हैं।
पार्टी का कहना है कि 1994 में मेहता सरकार ने ही मोधों को ओबीसी का दर्जा दिया था कि न कि मौजूदा मोदी सरकार ने, जैसा कि कांग्रेस दावा कर रही है।
कांग्रेस की छबीलदास मेहता सरकार ने दिया दर्जा
भाजपा के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि 25 जुलाई, 1994 को गुजरात में कांग्रेस की छबीलदास मेहता सरकार ने मोध जाति के लोगों को ओबीसी का दर्जा दिया था। मोदी इसी जाति के हैं। यह फैसला बक्शी आयोग की सिफारिश पर लिया गया था।
नायडू ने कहा जो शक्ति सिन्ह गोहिल मोदी पर नकली ओबीसी होने का आरोप लगा रहे हैं वह उस समय छबीलदास मेहता की सरकार में मंत्री थे। कांग्रेस यह आरोप लगाता रही है कि मोदी ने 2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी जाति को ओबीसी में शामिल कर लिया। लेकिन सच्चाई कुछ और है।
'हताशा में जाति का मुद्दा उछाल रही कांग्रेस'
दरअसल कांग्रेस हताशा में मोदी की जाति का मुद्दा उछाल रही है। कांग्रेस के पास अब कोई चारा नहीं है क्योंकि मोदी को काबू करने की उनकी हर कोशिश नाकाम रही है।
यहां एक प्रेस कांफ्रेस में वेंकैया ने कहा कि कांग्रेस ने मोदी पर नीच राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, नीच राजनीति क्या होती है। क्या यह 1.70 करोड़ रुपये का कोयला घोटाला है या 1.8 लाख करोड़ का टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला, कैश फोर वोट, चीनी या गेहूं घोटाला है?
'मिटेगा कांग्रेस का इतिहास'
उन्होंने कहा कि लोगों का फैसला आ रहा है। कांग्रेस बुरी तरह हारेगी और इतिहास के किताबों से उसका नामो-निशां भी मिट जाएगा। वेंकैया से पूछा गया कि क्या मोदी ममता बनर्जी, जयलिलता और दूसरे नेताओं को एनडीए में आने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
इस पर उन्होंने कहा कि मोदी किसी को अपने साथ आने का प्रस्ताव नहीं दे रहे हैं। हम अंहकारी नहीं हैं। अगर कोई हमें समर्थन देता है तो हम उसकी पेशकश खारिज नहीं करेंगे।