भाजपा का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा बढ़ाने से देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को कोई लाभ नहीं होगा।
इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए प्रमुख विपक्षी दल ने कहा कि यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार और कुशासन के कारण आज जब देशवासी ही पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं, तो विदेशी लोग भला क्यों पैसा लगाएंगे।
भाजपा ने कहा कि जब तक सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार दूर नहीं होगा और लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास जारी रहेगा, तब तक इस तरह के उपायों से कोई लाभ नहीं होने वाला है।
पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में तो पहले से ही 74 फीसदी एफडीआई है। इसके बावजूद जब विदेशी निवेश नहीं हुआ, तो अब 100 फीसदी करने से क्या होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने का कोई प्रयास नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उसने और क्या उपाय किये हैं। इस सरकार के राज में दो ही चीजें बढ़ रही हैं।
एक तो महंगाई और दूसरा राजकोषीय घाटा। भाजपा नेता ने कहा कि जब यह सरकार पिछले नौ साल में कुछ नहीं कर पाई तो भला अब इन नौ महीनों में क्या कर पाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था की यह बदहाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, घोटालों और कुशासन के कारण हुई है।