रेन्द्र मोदी की अगुआई में 2014 केलोकसभा चुनाव में उतर रही भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर राम की शरण में है।
डेढ़ दशक से ज्यादा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मुद्दे को वनवास में भेजने वाली भाजपा ने अगले चुनाव में राममंदिर और हिंदुत्व के सहारे चुनावी मैदान में उतरने की मंशा साफ कर दी है। जानिए, भाजपा के इस राम प्रेम पर किस नेता ने क्या कहा?
- भाजपा राम मंदिर का मुद्दा सिर्फ चुनावों के दौरान उठाती है। छह साल केंद्र की सत्ता में रहने के दौरान उसने इस दिशा में कोई काम नहीं किया। - राजीव शुक्ला, केंद्रीय मंत्री
- भाजपा लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उसने इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन पार्टी ने तब इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया जब वह केंद्र में सत्ता में थी। अयोध्या मुद्दा फिलहाल कोर्ट में है और उस स्थान पर अभी कोई कुछ नहीं कर सकता। - सलमान खुर्शीद, विदेश मंत्री
- जब तक हमारी पार्टी राजग का हिस्सा थी, यह स्पष्ट था कि मंदिर मुद्दे का समाधान कोर्ट के फैसले अथवा दोनों समुदायों के बीच बातचीत के जरिए निकाला जाएगा। - शरद यादव, जद-यू, अध्यक्ष
- भाजपा अपने हिंदुत्व विचारधारा और राजनीति को एक बार फिर से जीवित कर रही है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की नीति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तय कर रहा है। - डी. राजा, भाकपा नेता
- यह अजीब बात है कि भाजपा चुनाव के एक साल पहले से भगवान राम याद करने लगती है और चुनाव बाद उन्हें भूल जाती है। भाजपा का यह चरित्र रावण जैसा है। अगर वह इससे मुक्त हो जाए तो उसे भगवान राम के दर्शन हो जाएं।
- मनीष तिवारी, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री
- लोकसभा चुनाव से पहले बाहर से आकर उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी निगाह रखने की जरूरत है। - राजेंद्र चौरसिया, सपा नेता