सोमवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से में भूमि अधिग्रहण बिल पर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी तकरार जमकर दिखेगी। बिल पर कांग्रेस केसख्त तेवर देख सरकार के रणनीतिकार पलटवार की तैयारी में हैं।
सरकार भूमि बिल पर जवाहर लाल नेहरू के बयानों और प्रमुख भाषणों को ढाल बनाकर कांग्रेस का वार धराशायी करेगी। वहीं वाम दलों का विरोध कुंद करने के लिए रूस और चीन के जमीन अधिग्रहण नियमों का हवाला दिया जाएगा।
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि भूमि बिल गांव के विकास के लिए है। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि कांग्रेस को आइना दिखाने के लिए हम नेहरू के भाषणों को खंगाल रहे हैं।