आम आदमी पार्टी (आप) में विद्रोह से गदगद भाजपा अब अनुभवी शासक और अनुभवहीनता के मुद्दे को भी प्रमुखता से जनता के सामने रखने जा रही है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति व राष्ट्रीय परिषद के तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की ब्रांडिंग तेज करने की तैयारी में जुटी भाजपा अब शुक्रवार से रविवार तक उन्हें कुशल प्रशासक बताती रहेगी। दूसरी ओर अनुभवहीनता के मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उसके निशाने पर होंगे।
पार्टी के राजनीतिक प्रस्ताव में देश के राजनीतिक हालात खासतौर पर लोकसभा चुनाव में आप पार्टी की चुनौती से निपटने को लेकर भी विचार-विमर्श होगा क्योंकि दिल्ली समेत एनसीआर व देश के शहरी क्षेत्रों में भाजपा को आप पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है। मगर दिल्ली में पिछले एक माह के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भाजपा अब यह बोलने की स्थिति में आ चुकी है कि उसके पास मोदी से लेकर शिवराज सिंह चौहान, मनोहर पार्रिकर व रमन सिंह जैसे अनुभवी व कुशल प्रशासक हैं।
सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी पदाधिकारियों की बृहस्पतिवार की बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के पास नरेंद्र मोदी जैसा योग्य प्रशासक नहीं है।
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राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि देश नए प्रयोग करने की हालत में नहीं है क्योंकि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव, जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला से लेकर 1985 में केंद्र में राजीव गांधी का प्रयोग बताता है कि अनुभवहीन नेता का प्रयोग विफल रहा है।
बहरहाल, भाजपा अब इसी आधार पर केजरीवाल को भी निशाने पर लेगी। कार्यसमिति की बैठक में दो प्रस्ताव पेश होंगे। राजनीतिक प्रस्ताव सुषमा स्वराज व आर्थिक प्रस्ताव अरुण जेटली पेश करेंगे। इनमें केंद्र सरकार व कांग्रेस ही भाजपा के खास निशाने पर रहेगी।
पदाधिकारियों की बैठक में तय किया गया कि भाजपा के सभी चुने प्रतिनिधि अपना एक माह का वेतन ‘मोदी फॉर पीएम फंड’ में देंगे। इस बैठक में मोदी के साथ ही पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत सभी पदाधिकारी मौजूद थे।