फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहुल गांधी नहीं होंगे PM पद के उम्मीदवार

Fri, 17 Jan 2014 08:26 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
कई दिनों के सस्पेंस को खत्म करते हुए कांग्रेस ने आखिरकार ऐलान कर दिया है कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे।
विज्ञापन


बेशक राहुल को पार्टी ने पीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया हो मगर 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के चुनाव अभियान की अगुवाई राहुल ही करेंगे।

चुनाव में कांग्रेस का चेहरा बनाकर पार्टी ने स्पष्ट करने की कोशिश है कि अगर भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो प्रधानमंत्री राहुल गांधी ही होंगे।

कार्यसमिति की बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार बनाने की मांग की। मगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेताओं को बीच में रोककर टोका कि पार्टी में प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की परंपरा नहीं रही है।
विज्ञापन


किसी (भाजपा) ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है तो जरूरी नहीं कि हम भी यह घोषणा करेंगे। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस में हमेशा पता होता है कि उसका नेता कौन होता है।

फिर सोनिया ने ऐलान किया कि चुनाव अभियान राहुल गांधी के नेतृत्व में होगा। सोनिया के कहने के बाद एकाएक कार्यसमिति में इस बात पर सहमति हो गई और फिर किसी ने पीएम उम्मीदवार बनाने की मांग करने की हिम्मत नहीं दिखाई।

इस फैसले के साथ ही कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी की सीधी सियासी भिड़त को टालने की कोशिश की है। राहुल को चुनाव अभियान समिति की अगुवाई को लेकर कार्यसमिति में प्रस्ताव पर सहमति बनी।

इसमें कहा गया है कि कार्यसमिति ऐलान करती है कि 2014 का चुनाव अभियान राहुल के नेतृत्व में संपन्न होगा। ये प्रस्ताव शुक्रवार को एआईसीसी की बैठक में पारित होगा।

कार्यसमिति की बैठक में राहुल ने कहा कि वह पार्टी के समर्पित कार्यकर्त्ता हैं। पार्टी भविष्य में जो भी करने को कहेगी। वह उसके लिए तैयार है।

मगर सोनिया ने एक तरह से उनकी भूमिका तय कर दी कि वह आधिकारिक तौर पर चुनाव अभियान की अगुवाई करेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट है कि वे अघोषित रूप से पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।

कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कार्यसमिति की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस में सोनिया गांधी के बाद दूसरे किसी नेता का स्थान है तो वह राहुल गांधी का है। वह पार्टी के भविष्य के नेता है।

इसे लेकर किसी को भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पांच साल प्रधानमंत्री रहे तो पार्टी ने कहा था कि वह अगली बार प्रधानमंत्री रहेंगे।

जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष कह रहा है कि राहुल संभावित हार को देखकर जिम्मेदारी लेने से भाग रहे हैं। तो उनका जवाब था कि कभी भी पार्टी में भ्रम नहीं रहा है कि उसका नेता कौन होगा।

पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के समय यह सवाल नहीं था। यहां तक कि 1977 में आपातकाल के समय भी प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की जरूरत नहीं पड़ी थी।

सबको पता था कि इंदिरा गांधी ही प्रधानमंत्री होंगी। इन उदाहरणों को देकर पार्टी ने बार बार कहने की कोशिश की है कि अगर भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो राहुल गांधी ही उसके प्रधानमंत्री उम्मीदवार होंगे।

सोनिया गांधी ने किया विरोध
कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में प्रचार अभियान की अगुवाई करने की जिम्मेदारी दी है। बैठक में खुद यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहुल की उम्मीदवारी का विरोध किया।

बैठक में सोनिया का मानना था कि कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार की घोषणा की परंपरा नहीं है। चुनाव के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी में प्रधानमंत्री चुना जाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भाजपा की नकल नहीं करेगी। हालांकि, बैठक से पहले कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की वकालत कर रहा था।

राहुल को फजीहत से कांग्रेस ने बचाया : भाजपा
कांग्रेस द्वारा अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने पर चुटकी लेते हुए भाजपा ने कहा कि चुनाव में निश्चित हार के डर से कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि कांग्रेस भली भांति जानती है कि वह चुनाव हारने वाली है। इसलिए राहुल को फजीहत से बचाने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया जा रहा है।

भाजपा ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के सामने राहुल कहीं भी नहीं ठहरते हैं। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया है कि मोदी प्रधानमंत्री बनने वाले हैं।
विज्ञापन


राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने सच्चाई को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्होंने सच को स्वीकार किया है क्योंकि उन्हें पता है कि वे सरकार बनाने नहीं जा रहे हैं। इसलिए पीएम उम्मीदवार की घोषणा करने की क्या जरूरत है।’
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें