पिछले लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा खर्च भाजपा ने किया था। राजनीतिक पार्टियों की ओर से चुनाव आयोग को सौंपे गए खर्च के ब्योरे से यह खुलासा हुआ है।
चुनाव आयोग को सौंपे गए खर्च के ब्योरे के मुताबिक पिछले लोकसभा चुनाव में खर्च के मामले में बीजेपी ने कांग्रेस समेत सभी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया। पार्टी ने इसमें 448.66 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
कांग्रेस ने 380.04 करोड़ रुपये खर्च किए थे। भाजपा की ओर से खर्च किए गए 448.66 करोड रुपये में से 162.68 करोड़ रुपये पार्टी के केंद्रीय दफ्तर की ओर से खर्च किए गए। जबकि 285.98 करोड़ रुपये राज्य स्तर पर खर्च किए गए।
चुनाव आयोग को सौंपे गए खर्च के ब्योरे से कई दिलचस्प जानकारियां भी मिली है। इनमें फंड के विभिन्न स्त्रोतों का भी पता चला है। यह भी पता चला है कि ज्यादातर राजनीतिक चंदा नकदी में दिया गया।
खर्च के विश्लेषण से पता चलता है कि कांग्रेस की फंडिंग का 24 फीसदी हिस्सा चेक या डिमांड ड्राफ्ट से आया है। बाकी नकद के तौर पर। भाजपा को मिले चंदे में से लगभग आधा चेक और डिमांड ड्राफ्ट के जरिये मिला है।
कांग्रेस को चुनाव फंडिंग के के तौर पर 313.74 करोड़ रुपये मिले। इनमें से 237.36 करोड़ रुपये पार्टी को नकदी के तौर पर मिलेंगे।
सिर्फ 76.38 करोड़ रुपये चेक और डिमांड डफ्ट से मिले। भाजपा को चेक और डिमांड ड्राफ्ट के जरिये 478.61 करोड़ रुपये मिले। बाकी की रकम पार्टी को नकदी के तौर पर मिली। केंद्र और राज्य स्तर दोनों जगह यह रकम मिली।