हिंदूवादी राग पर पार्टी और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गहरी नाराजगी जताने का उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसदों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। मीडिया में टिप्पणी करने से बचने की नसीहत के बावजूद सोमवार को जहां विनय कटियार ने जन्म के आधार पर धर्म तय करने की वकालत की, वहीं योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार या किसी अन्य को घर वापसी कार्यक्रम में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
योगी ने कहा है कि अगर कोई स्वेच्छा से हिंदू बनना चाहता है तो इसमें आपत्ति क्या है। भाजपा सांसदों की बयानबाजी पर संघ भी नाराजगी जाहिर कर चुका है। बहरहाल, इस मुद्दे पर मंगलवार को संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू संसदीय दल की बैठक में पीएम की ओर से सांसदों को एक बार फिर बयानबाजी न करने की चेतावनी दे सकते हैं।
वैसे माना जा रहा है कि चुनाव प्रचार में व्यस्त प्रधानमंत्री इसी हफ्ते अलग से सांसदों की क्लास लेंगे। उल्लेखनीय है कि बीते हफ्ते सांसद साक्षी महाराज के नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताने पर मचे बवाल के बाद पीएम ने नायडू ने भविष्य में विवादित बयानबाजी करने पर निलंबन की कार्रवाई करने का संकेत दिया था।
इस मुद्दे पर पार्टी, सरकार और संघ में जारी बहस के संबंध में सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं की टिप्पणियां संघ को भी नागवार गुजरी है। इन नेताओं पर संघ की आड़ में अपना अपना एजेंडा चलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पीएम की चेतावनी के बावजूद हो रही बयानबाजी से सरकार और पार्टी बेहद चिंतित है। उन्होंने स्वीकार किया के बयानबाजी के संदर्भ में मोदी ने बीते हफ्ते संघ प्रमुख मोहन भागवत से बातचीत कर अपनी चिंता जाहिर की थी।