भाजपा को लोकसभा चुनाव में 272 प्लस का जादुई आंकड़ा जुटाने का फार्मूला नए व युवा मतदाताओं में नजर आ रहा है।
पार्टी का मानना है कि यदि युवा वर्ग को अपने पक्ष में मतदान केंद्रों तक लाने में सफलता मिल जाती है तो लोकसभा की जंग आसानी से जीती जा सकती है।
इसलिए भाजपा ने चुनावी रणनीति के लिए जो खाका तैयार किया है, उसमें युवा व नए मतदाताओं पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
भाजपा आम आदमी पार्टी के उदय से भी आशंकित है, क्योंकि देश के युवाओं का एक बड़ा वर्ग इस पार्टी के साथ भी जुड़ चुका है। बहरहाल, भाजपा का आकलन है कि पिछले चुनाव में कांग्रेस की तुलना में उसे 89 लाख वोट कम मिले थे और दोनों में 90 सीटों का अंतर हो गया।
वोटों के इस अंतर से ही कांग्रेस जहां 206 सीटें पा गई, वहीं भाजपा को मात्र 116 पर संतोष करना पड़ा। ज्यादातर जगह भाजपा दूसरे स्थान पर रही। इन पांच वर्षों के दौरान मतदाता सूची में 12 करोड़ नए व युवा मतदाता जुड़े हैं।
जबकि कांग्रेस व भाजपा के बीच पिछले चुनाव में वोटों का अंतर एक करोड़ से भी कम था। इसलिए चुनाव अभियान समिति की बैठक में पार्टी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इन युवा व नए वोटरों को पार्टी से जोड़ दिया जाए तो कांग्रेस को शिकस्त देना मुश्किल नहीं है।
इसलिए पार्टी ने जनवरी के दौरान उन सभी युवाओं से जुड़ने की योजना तैयार की है जो नए मतदाता बने हैं अथवा बनेंगे। पार्टी इनका अभिनंदन भी करेगी।
युवा वर्ग से भाजपा को इसलिए भी उम्मीद है, क्योंकि हाल में ‘रन फॉर यूनिटी’में 11 स्थानों पर 50 लाख से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया था।
युवा वर्ग में मोदी की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने 272 डॉटकॉम भी तैयार किया है। भाजपा का दावा है कि 22 दिसंबर को जारी इस पोर्टल से अब तक एक लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।
बहरहाल, भाजपा इस अभियान में एनडीए के घटक दलों को भी शामिल करेगी। पार्टी की नजर इस बार 450 लोकसभा सीटों पर है।
भाजपा का यह भी मानना है कि वह इनमें से कम से कम 300 सीटों को कभी न कभी एक बार जीत चुकी है। इस बार चूंकि कांग्रेस चौतरफा फंसी है, इसलिए भाजपा को 272 का आंकड़ा आसान दिख रहा है।