महापौर इंद्रजीत आर्य के सपा में शामिल होने की चर्चा आई तो सभी ने मजाक समझा। पहली अप्रैल है ऐसा सोचकर भगवा खेमा भी चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त रहा।
एकाएक लखनऊ में मुख्यमंत्री की प्रेसवार्ता में मेयर को बैठे देखा तो खलबली मच गई। सचमुच मेयर ने अप्रैल फूल नहीं बनाया था।
इंद्रजीत के साइकिल की सवारी करने की पटकथा उसी दिन लिख गई जब सपा सांसद मुनव्वर सलीम पूर्व नगर अध्यक्ष रहीसुद्दीन कुरैशी के निवास पर आए थे। मेयर गुपचुप तरीके से उनसे मिलने पहुंचे थे।
भाजपा को नहीं लगी भनक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी सोमवार को पार्टी के खुफिया तंत्र के सक्रिय होने की दुहाई दे रहे थे, लेकिन मेयर ने उनके तंत्र की हवा निकाल दी। रामशंकर कठेरिया और बाबूलाल के स्वागत में मेयर बड़ी गर्मजोशी से शामिल हुए थे।
पार्टी के चुनाव प्रचार में शामिल थे। सोमवार शाम को राम शंकर कठेरिया के कार्यालय के उद्घाटन के बाद वे मंत्री अरिदमन सिंह के साथ लखनऊ रवाना हो गए और सुबह सीएम से उनकी वार्ता कराई गई।
दोपहर में मुख्यमंत्री ने उनके सपा में शामिल होने की औपचारिक घोषणा कर दी। इस अवसर पर लघु उद्योग निगम के चेयरमैन शिव कुमार राठौर, प्रदेश महासचिव सीपी राय, जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, पिंटू यादव, राजपाल यादव आदि मौजूद थे।
मुझे अपमानित किया जा रहा था: मेयर
मेयर इंद्रजीत आर्य का कहना है कि भाजपा में अपमानित और बदनाम किया जा रहा है। लखनऊ में हुई बैठक में मैंने पूर्व नगर आयुक्त डीके सिंह की शिकायत आजम खां से की थी।
तब सांसद और विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने उनकी शान में कसीदे गढ़े थे। लेकिन डीके सिंह ने आजम से भी अभद्रता कर दी और आजम ने उन्हें हटाने के आदेश दिए थे। तब मेरी आजम खां से लंबी वार्ता हुई थी।
उन्होंने कहा कि सांसद वाल्मीकि समाज के विकास में रोड़े अटका रहे थे। मैं ही नहीं पूर्व मेयर अंजुला माहौर को अपमानित कर उन्हें पार्टी छोड़ने पर विवश किया।
पार्टी नेतृत्व को भी बताया था लेकिन मेरी कोई सुनने वाला नहीं था। समाज और शहर के विकास के लिए मैंने सपा की सदस्यता ग्रहण की है।