ऐसा लगता है जैसे पिछले साल नवंबर में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव और 10 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनावों के बीच यमुना में काफी पानी बह चुका है। कम से कम चुनावी सर्वे ऐसा ही कुछ इशारा कर रहे हैं और ये भाजपा की बांछें खिला सकते हैं।
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भारतीय जनता पार्टी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर इस बार कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर सकती है। इंडिया टुडे के लिए रिसर्च एजेंसी सिसेरों की तरफ से किए गए नए ओपिनियन पोल के मुताबिक भाजपा दिल्ली में सात में से पांच सीटें जीत सकती है।
पिछले चुनावों में कांग्रेस ने दिल्ली की सभी सात सीटों पर फतह हासिल की थी, लेकिन इस बार मामला बदल गया लगता है। कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के लिए भी बुरी खबर है।
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आम आदमी पार्टी को सिर्फ दो सीट
दिल्ली विधानसभा चुनावों में सभी को चौंकाने वाली आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा दो सीट जीतने में कामयाब रहेगी। दिसंबर में भाजपा को 31 फीसदी वोट शेयर मिल रहा था, लेकिन मोदी के प्रचार-प्रसार का असर अब साफ दिख रहा है।
पोल के मुताबिक लोकसभा चुनावों में भाजपा को 41 फीसदी वोट मिल सकते हैं। कांग्रेस को भारी नुकसान हो सकता है। 2009 में 57 फीसदी वोट शेयर से गिरकर वो 23 फीसदी पर आ सकती है। इसका मतलब यह है कि आधे लोगों ने पांच साल में अपना मन बदल लिया है।
भाजपा पारंपरिक रूप से अगड़ी जातियों और कारोबारी समाज का समर्थन जुटाती रही है, लेकिन इस लोकसभा चुनाव में उसे जाट और दूसरी पिछड़ी जातियों के वोट भी मिल सकते हैं।
कांग्रेस को मुस्लिम वोट बैंक का नुकसान
आम आदमी पार्टी को दलितों और पंजाबी खत्रियों के वोट मिलेंगे। राजधानी में कांग्रेस का मुस्लिम वोट बैंक भी दरकता दिख रहा है। भाजपा को दिल्ली में मुस्लिम वोटबैंक का 17 फीसदी हिस्सा मिल सकता है।
भाजपा जिन सीटों पर जीत सकती है, उनमें नई दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली है, जहां मीनाक्षी लेखी, महेश गिरि और परवेश वर्मा मैदान में हैं। इसके अलावा चांदनी चौक सीट पर भी डॉ. हषवर्धन को जीत मिल सकती है।
आम आदमी पार्टी को दक्षिणी दिल्ली सीट पर जीत मिल सकती है, जहां कर्नल देवेंद्र सहरावत, रमेश बिधूड़ी से मुकाबला कर रहे हैं। इसके अलावा नॉर्थ वेस्ट दिल्ली से दिल्ली की पूर्व मंत्री राखी बिडलान जीत सकती हैं।
गुजरात में हो सकता है कांग्रेस का सूपड़ा साफ
इसके अलावा एक दूसरे सर्वे में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी की लहर पर सवार भाजपा उनके गृह राज्य की सभी 26 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। सीएनएन आईबीएन-द वीक मार्च ट्रैकर के सर्वे में कहा गया है कि अगर चुनाव हुए, तो भगवा दल 20 से 26 सीट तक पहुंच सकती है।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिए इस राज्य में कोई खास बदलाव होता नहीं दिख रहा, जहां अरविंद केजरीवाल ने हाल में बड़े जोर-शोर से रोड शो और चुनावी रैली की थी।
ट्रैकर के मुताबिक दोनों दलों की किस्मत अगर अच्छी रही, तो कांग्रेस को चार सीट और आम आदमी पार्टी या अन्य को दो सीट मिल सकती हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में गुजरात में कांग्रेस को 9 और भाजपा को 17 सीट मिली थीं।
मध्य प्रदेश में भी भाजपा की बल्ले-बल्ले
मध्य प्रदेश को लेकर भी सर्वे में भाजपा को बढ़त दी गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि वो 29 सीट में से 24 से 28 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। शिवराज सिंह चौहान ने यहां तीन बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। कांग्रेस को राज्य में 1 से 5 सीट मिल सकती हैं।
इसके अलावा महाराष्ट्र में भी एनडीए को फायदा होता दिख रहा है। पोल के मुताबिक 48 सीटों में से भाजपा और उसके साथियों के खाते में 24 से 30 सीट आ सकती हैं।
आम आदमी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और बहुजन समाज पार्टी को यहां 1 से 3 सीटों के बीच मिल सकती हैं। इसके अलावा 11 सीट वाले छत्तीसगढ़ में दोनों दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
इस बीच भाजपा के अपने आंतरिक सर्वे में दिल्ली में उसे सात में से चार सीट मिलने की उम्मीद जताई गई है। भाजपा मान रही है कि नई दिल्ली और पूर्वी दिल्ली सीट पर उसे चुनौती मिल सकती है।
उसका मानना है कि चांदनी चौक सीट पर मुकाबला भले तीन-तरफा हो गया है, लेकिन डॉ. हर्षवर्धन जीत सकते हैं। भाजपा सूत्रों के मुताबिक यह आंतरिक आकलन 20-30 कार्यकर्ताओं की टीम से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किए गए हैं।
इन टीमों ने 11 हजार पोलिंग बूथ का दौरा किया। इस आकलन के आधार पर पार्टी चुनाव प्रचार के अंतिम छह दिन में चुनाव प्रचार में ज्यादा जोर लगाने की तैयारी कर रही है।