बिहार चुनावों के बाद असहिष्णुता की बहस को खत्म मान रहे भाजपा नेता बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बयान से असहज हो गए हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं और नेताओं ने अपनी-अपनी शैली में आमिर को जवाब दिया है।
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भाजपा के अधिकांश नेताओं ने आमिर की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्होंने ऐसा बयान देकर मुल्क की छवि को ठेस पहुंचाई है। हालांकि कांग्रेस और विपक्ष के दलों ने आमिर के बयान का समर्थन किया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस के विशेष कार्यक्रम में आमिर खान ने कहा था कि असहिष्णुता के मसले पर उन्हें कई मौके पर चेताया जा चुका है। उन्होंने कहा, ''मेरी पत्नी किरण राव तो इस कदर डर गई थीं कि उन्होंने मुझे देश छोड़ने तक की सलाह दे दी थी।''
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असहिष्णुता के मुद्दे पर साहित्यकारों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा लौटाए जा रहे पुरस्कारों का आमिर ने ये कहकर समर्थन किया कि रचनात्मक लोगों द्वारा अपने असंतोष को जाहिर करने का एक तरीका यह भी है।
मनोज तिवारी बोले, आमिर ने किया देश को कलंकित
आमिर खान के बयान पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ''आमिर खान 'अतुल्य भारत' के चेहरे हैं, वे ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं? मैं आमिर खान से निवेदन करूंगा कि वे भारत न छोड़ें और उन्हें ऐसा देश नहीं मिलेगा।''
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने अमिर के बयान पर तल्ख होते हुए कहा, ''वो स्वतंत्र हैं, उनको अगर भारत में डर लगता है तो जहां भी उनको शांति मिलती है, बिलकुल वो स्वतंत्र हैं वहां जाने के लिए।'' तिवारी ने कहा कि मिनट भर में इतना बड़ा बयान देना भारत माता को कलंकित करना है। आमिर खान को सोचना पड़ेगा कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया?
भाजपा के एक अन्य सासंद और मोदी सरकार के मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि आमिर खान के दिमाग में कोई सुझाव है तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठकर बात करें। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षित नहीं है, पति और पत्नी के बीच की बातें हैं, इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि आमिर खान से पहले शाहरुख खान भी मुल्क में बढ़ रही असहिष्णुता का मुद्दा उठा चुके हैं।
किरण रिजिजू ने कहा, देश की छवि पर बट्टा
आमिर के बयान पर गृहराज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि राजग के सत्ता में आने के बाद से सांप्रदायिक घटनाएं कम हुई हैं। ऐसे बयान देना कि राजग के शासनकाल में मुल्क असहिष्णु हुआ, केवल हमारी छवि को खराब करता है। भाजपा के अन्य प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि अपवादों को नियम नहीं बनाया जा सकता है। और ऐसे बयान देकर डर नहीं फैलाना चाहिए।
भाजपा सांसद परेश रावल ने कहा है कि आमिर के ऐसे बयानों से अशांति फैलेगी। केंद्र सरकार में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारत में पूरी तरह सुरक्षित हैं और ऐसा बयान उनके प्रशंसकों को अपमान है।
भाजपा के बड़बोले सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि आमिर खान को भारत नहीं पंसद है तो क्या इराक और ईरान पसंद हैं। वे किसके इसारे पर ऐसा कह रहे हैं? अगर वे खुद ऐसा बोल रहे हैं तो उनके मन में गंदगी है। क्या वे यहां औरंगजेब का शासन चाहते हैं।
मीनाक्षी लेखी ने किया तीखा पलटवार
आमिर के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने ट्वीट किया है, कितनी बेशर्मी से इजहार करते हैं/यह खराब जो व्यापार करते हैं//अगर मिल जाये दाम इनको तो/मां का आंचल भी दागदार करते हैं//
हालांकि कांग्रेस समेत विपक्ष की कई पार्टियों ने आमिर के बयान का समर्थन किया है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि आमिर खान ने बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में जो कहा है, वे इस देश के करोड़ों लोग रोजाना अनुभव करते हैं।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि आमिर खान के लाखों समर्थक हैं। वे जो बोल रहे हैं, वो लाखों लोगों की आवाज है। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा है कि आमिर खान का बयान चिंताजनक है और सरकार को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए।
आमिर खान ने सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित रामनाथ गोयनका पत्रकारिता पुरस्कार समारोह के दौरान कहा कि वह भी असुरक्षा और भय महसूस करते हैं तथा पिछले छह से आठ महीनों में यह बढ़ता जा रहा है।
आमिर के अनुसार, ‘जब मैंने घर पर किरण से बात की तो उसने पूछा कि क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए। वह अपने बच्चे के लिए डर महसूस करती है। वह इस बात से डरती है कि हमारे चारों तरफ किस तरह का माहौल बनेगा। वह हर दिन अखबार खोलने से डरती है।’ उन्होंने इस माहौल को अशांति और निराशा का संकेत करार दिया।
उल्लेखनीय है दिल्ली से लगे बिसाड़ा में गोमांस रखने के शक में 52 वर्षीय मुसलमान अखलाक की हत्या के बाद से मुल्क में असहिष्णुता की बहस तेज हो गई है और इसके विरोध में कई साहित्यकार, फिल्मकार और संस्कृतिकर्मी अपने पुरस्कार वापस कर चुके हैं। वैज्ञानिक और उद्योगपति भी अपना विरोध जता चुके हैं।