लोकसभा चुनावों के आखिरी चरण का मतदान जारी था और बनारस पर देश भर की निगाह टिकी थी। कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी और सपा-बसपा के समर्थक अपनी तरफ से पूरा जोर लगा रहे थे। इस दौरान कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय भी दिखे और अरविंद केजरीवाल भी। लेकिन जो शख्स नहीं दिखा, उसे सबसे ज्यादा निगाहें तलाश रही थीं। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी वोटिंग के रोज बनारस में नहीं दिखे।
लेकिन ऐसा क्यों हुआ? पहले कहा जा रहा था कि मोदी दोपहर में बनारस में रहेंगे, लेकिन हुआ नहीं। सियासत में यूं ही कुछ नहीं होता। अगर मोदी इस दिन बनारस से दूर रहे, तो इसके अहम सियासी कारण हैं।
दोपहर में मोदी के पहुंचने का प्लान था
सोमवार को वाराणसी की हवा में दिन भर यह कयास तैरता रहा कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी वोटिंग के दिन अपने लोकसभा क्षेत्र में आएंगे या नहीं?
टीओआई के मुताबिक स्थानीय भाजपा नेताओं ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि मोदी की चुनाव प्रबंधन समिति को यह जानकारी थी कि वो दोपहर में 12 बजे से 2 बजे के बीच बनारस में मौजूद रहेंगे। लेकिन कोई भी पार्टी नेता पार्टी आला कमान और मोदी के मुख्य चुनाव प्रबंधकों के दबाव की वजह से योजना का खुलासा करने को तैयार नहीं था।
सियासी रणनीति के तहत बदली योजना
लेकिन बनारस में चुनाव शुरू होने के तीन घंटे बाद भाजपा को लगा कि मुस्लिम वोट दो अन्य उम्मीदवारों के बीच बंट रहे हैं। चुनाव प्रबंधकों की एक बैठक हुई और लखनऊ-दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श किया गया।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि सवेरे साढ़े दस बजे पार्टी आला कमान को यह रिपोर्ट भेज दी गई कि अगर मोदी बनारस पहुंचते हैं, तो मुस्लिम वोट का ध्रुवीकरण किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में शुरू हो जाएगा। अगर ऐसा हुआ, तो भाजपा को नुकसान होगा, इसलिए मोदी का प्लान बदला गया। जाहिर है, यह फैसला सियासी रणनीति के तहत किया गया।
भाजपा ने दी मोदी पर सफाई
बाद में इस बात की पुष्टि कर दी गई कि नरेंद्र मोदी बनारस नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने गांधीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करने का फैसला किया और गर्मी के बावजूद वोट देने बाहर निकलने पर बनारसवासियों को बधाई दी।
भाजपा का कहना है कि दूसरे राजनीतिक दलों के कुछ पारंपरिक वोट भी उसकी तरफ आए हैं। उसे ऐसा भी लगता है कि बनारस में मोदी की मौजूदगी ने बराबर वाली सीटों पर असर डाला है। भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली के मुताबिक अगर मोदी पहुंचते, तो पार्टी कार्यकर्ताओं का ध्यान भटक जाता। उन्होंने कहा कि इस रोज मोदी का बनारस पहुंचना सिर्फ कयास था।
राहुल पर बोला था हमला
नरेंद्र मोदी के वोटिंग के दिन बनारस से दूर रहने की एक और वजह हो सकती है। अमेठी में वोटिंग के रोज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के वहां पहुंचने को लेकर भाजपा ने काफी हमला बोला था।
अगर मोदी मतदान के वक्त बनारस पहुंचते और कुछ बूथ का दौरा करते, तो कांग्रेस को पलटवार करने का मौका मिल सकता था। वो भी कह सकती थी कि घबराहट की वजह से ऐसा हो रहा है, जैसा राहुल गांधी के बारे में भाजपा ने बोला था। 12 मई को मोदी यूट्यूब पर संदेश देते दिखे, हालांकि, इसके खिलाफ भी कांग्रेस ने शिकायत दर्ज करा दी है।