झारखंड में अपनी सरकार गिरने के बाद हरकत में आई भाजपा ने प्रदेश विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग पर ताल ठोक दी है। पार्टी ने कहा है कि केंद्र को जोड़तोड़ की राजनीति को मौका देने अथवा राष्ट्रपति शासन लगाने के विकल्प पर सोचने की बजाए लोगों को नई सरकार चुनने के अधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर देना चाहिए।
उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के बाद एक और राज्य के हाथ से निकलने से भाजपा की चिंता बढ़ गई है। कर्नाटक को लेकर भी ऊहापोह की स्थिति है। भाजपा को अलविदा कहकर नई पार्टी बना चुके पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा पहले ही कह चुके हैं कि जगदीश शेट्टर सरकार को बजट पेश नहीं करने दिया जाएगा। बहरहाल, झारखंड को लेकर भाजपा ने शीघ्र चुनाव कराने की मांग तेज कर दी है।
पार्टी ने तय किया है कि वह अब झारखंड में किसी दूसरे विकल्प को हवा नहीं देगी। दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि झारखंड में नए सिरे से चुनाव होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में खंडित जनादेश मिलने से ही स्थिर सरकार नहीं बन पाई। इसलिए अब राज्यपाल को मंत्रिमंडल का फैसला स्वीकार कर लेना चाहिए। जावडेकर ने जेएमएम के दावे को खारिज करते हुए कहा कि सत्ता की अदला-बदली को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया था।