भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नितिन गडकरी को भाजपा की क्लीन चिट के बावजूद पार्टी का अंदरूनी घमासान थमा नहीं है। इस क्लीन चिट की आड़ में अब गडकरी खेमा भी सक्रिय हो गया है और उनकी दोबारा ताजपोशी की राह में बिछे कांटे दूर करने में जुट गया है। हालांकि लालकृष्ण आडवाणी समेत कई वरिष्ठ नेता अब भी गडकरी को दोबारा पार्टी की कमान सौंपने के सख्त खिलाफ हैं।
इससे गडकरी की दोबारा ताजपोशी पर अब भी तलवार लटकी है। इस मुद्दे पर भाजपा बंटती जा रही है। एक ओर आडवाणी से लेकर जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा जैसे वरिष्ठ नेता हैं, दूसरी ओर गडकरी खेमा। गडकरी का खेमा हालांकि अभी बहुत छोटा है, लेकिन यह खेमा गडकरी को पार्टी की क्लीन चिट मिलने से खासा उत्साहित है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अभी गडकरी के साथ खड़ा है।
इसलिए गडकरी समर्थकों ने उनकी दोबारा ताजपोशी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। सूत्रों के अनुसार संघ की पहल पर ही विचारक एस गुरुमूर्ति ने गडकरी मामले पर भाजपा नेताओं को सफाई दी। संघ ने गडकरी से साफ कर दिया है कि मौजूदा सफाई से तो वह संतुष्ट है, लेकिन यदि भविष्य में उनके खिलाफ ज्यादा गंभीर मामले सामने आते हैं तो फिर उनका साथ नहीं दिया जाएगा।
संघ नए अध्यक्ष मामले की गेंद पहले ही भाजपा के पाले में डाल चुका है। गडकरी के भविष्य का फैसला अब कोर कमेटी व संसदीय बोर्ड को करना है। हालांकि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। यह शांति भी सतही है और आशंका है कि आगे भी राम जेठमलानी जैसे अन्य नेता गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं। जेठमलानी पार्टी की चेतावनी को नजरंदाज कर अब भी अपनी मांग पर मैदान में डटे हैं।
इससे भाजपा के लिए एक और मुसीबत पैदा हो गई है। पार्टी से क्लीन चिट मिल जाने के बाद गडकरी बुधवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह से तो मिले, लेकिन आडवाणी से नहीं। दूसरी ओर जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से भी कोई स्पष्टीकरण भी नहीं आया। इससे साफ है कि यह खेमा अब भी गडकरी के खिलाफ लामबंद है।
भाजपा आज भी गडकरी के साथ खड़ी है और आगे भी रहेगी। सब कुछ ठीक हो जाएगा।
जेपी नड्डा, भाजपा महासचिव