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यूपी में हारी हुई 7 सीटों पर भाजपा दिखाएगी दम

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आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में जबरदस्त जीत हासिल करने के बाद भाजपा की निगाह उन 7 सीटों पर है, जहां पार्टी को जीत हासिल नहीं हुई। राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटी पार्टी ने इन सभी सात सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए दिग्गज नेताओं को अलग-अलग सीट का संयोजक नियुक्त किया है।
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अमित शाह को सौपेंगे रिपोर्ट
पार्टी महासचिव अमित शाह ने संयोजक बनाए गए नेताओं को इन सीटों के इलाकों का हर पंद्रह दिन में दौरा करने और हर महीने अलग-अलग इलाकों में हर हाल में एक जनसभा करने का निर्देश दिया है।

जिन नेताओं को पार्टी की माली हालत संभालने की जिम्मेदारी दी गई है, उसमें केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा, संतोष गंगवार और गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ शामिल है। इनमें मिश्रा को जहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीट रायबरेली का संयोजक बनाया गया है, वहीं केशव मौर्य को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सीट अमेठी का जिम्मा दिया गया है।
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महत्वपूर्ण हैं सातों सीटें

आम चुनाव में अपने दम पर राज्य की 80 में से 70 और सहयोगी के साथ 73 सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद भी भाजपा शांत नहीं बैठी है।

विधानसभा चुनाव में हर हाल में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए एक ओर जहां राज्य के प्रभारी शाह जीती सीटों पर एक-एक मतदाता से सीधे संपर्क की योजना को अमली जामा पहना रहे हैं, वहीं हारी हुई 7 सीटों के मतदाताओं को भी साधने की योजना बनाने में जुट गए हैं।

इस कड़ी में शाह ने हारी हुई इन 7 सीटों का जिम्मा अलग-अलग कद्दावर नेताओं को संयोजक बना कर दिया है।
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विधानसभा चुनावों में मिलेगा लाभ

इनमें योगी आदित्यनाथ को आजमगढ़, कलराज मिश्रा को रायबरेली, संतोष गंगवार को बदायूं, कौशल किशोर को मैनपुरी, केशव मौर्य को अमेठी, रमाशंकर कठेरिया को फिरोजाबाद और अशोक दोहरे को कन्नौज का जिम्मा दिया गया है।

सभी संयोजकों को अपनी अपनी सीट क्षेत्र में हर पखवाड़े कम से कम एक यात्रा और इन सीटों से जुड़े इलाकों में अलग-अलग हर महीने जनसभा करने का निर्देश दिया गया है।

शाह इन सीटों पर जीती हुई सीटों से भी ज्यादा मेहनत करने और मतदाताओं से सीधा संपर्क साधने के मूड में हैं। पार्टी रणनीतिकारों का लगता है कि अभी से शुरू होने वाली इस मुहिम का सीधा लाभ उसे विधानसभा चुनाव में मिलेगा।
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