भाजपा ने कहा है कि केंद्र सरकार बलात्कार के गुनहगारों की फांसी की सजा पर अदालत की मुहर के बाद उन्हें माफी न दे। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि बलात्कार के मामलों में मृत्युदंड पाए अपराधियों के लिए दया याचिका का प्रावधान खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कानून में संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग दोहराई है।
बलात्कार के पांच मामलों में अदालत से फांसी की सजा पाए दोषियों की दया याचिका मंजूर कर लेने संबंधी केंद्र का फैसला विवादों में घिरता जा रहा है। भाजपा ने इस फैसले के लिए केंद्र की आलोचना की है। दिल्ली में गैंगरेप की शिकार युवती की मौत के बाद भाजपा ने ऐसे मामलों के दोषियों को फांसी देने की मांग तेज कर दी है। पार्टी का कहना है कि बजट सत्र के पहले दिन ही वह इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करेगी।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी कहा है कि बलात्कार के मामलों को वीभत्स, बर्बर व अमानवीय कहने से काम नहीं चलेगा। इस तरह के मामलों में दोषियों को फांसी पर लटका देना चाहिए और उनकी दया याचिका नामंजूर कर देनी चाहिए। गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के कार्यकाल के दौरान बलात्कार के पांच मामलों में फांसी की सजा पाए अपराधियों को माफी दे दी गई थी।