बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच शुरू हुई खटपट भाजपा को रास आ रही है। मांझी को पद से हटाने संबंधी अटकलों के बीच भाजपा ने जरूरत पड़ने पर मांझी सरकार को बचाने का संकेत दिया है।
दरअसल, भाजपा महादलित बिरादरी के मांझी के प्रति सहानुभूति जताकर जदयू की कट्टर समर्थक इस बिरादरी में सियासी सेंध लगाना चाहती है।
पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है कि मांझी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की चुनावी नैया पार लगाने में अहम योगदान दे सकते हैं। राज्य की जातिगत राजनीति को साधने की कसरत में जुटी भाजपा ने इसी रणनीति के तहत अति पिछड़ी जाति के बड़े नेता रहे कर्पूरी ठाकुर का जन्म दिवस भी मनाने जा रही है।