गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने को लेकर भाजपा दुविधा में है। पार्टी का संकट यह है कि एक ओर मोदी के लिए कार्यकर्ताओं का दबाव बढ़ रहा है तो दूसरी ओर मोदी के कंधे पर चढ़कर कम से कम 200 सीटें जीतने की चुनौती है।
भाजपा मानती है कि लोकसभा में 200 सीटें जीतने पर ही मोदी के पीछे एनडीए समेत अन्य दल चलने को तैयार होंगे। पार्टी की इस दुविधा के बीच राष्ट्रीय कार्यकारिणी व परिषद की बैठक में मोदी के मुद्दे के छाने के पूरे आसार हैं।
भाजपा मोदी को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तुरुप का पत्ता तो मान रही है, लेकिन इस पत्ते को कब और किस तरह से चला जाए, इस पर पार्टी दुविधा में है। मोदी की केंद्रीय स्तर पर भूमिका को लेकर पार्टी में अभी औपचारिक तौर पर कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बड़े नेता अनौपचारिक बातचीत में मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने पर उससे होने वाले नफा-नुकसान का आकलन करने लगे हैं।
भाजपा मानने लगी है कि मोदी अपनी योजना के तहत दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं और अब उन्हें रोक पाना कठिन है। इधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी मोदी के समर्थन में आने लगा है। भाजपा पिछले डेढ़ दशक से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के बाद ही चुनाव में कूदती रही है। इसलिए इस बार भी इस परंपरा को तोड़ पाना आसान नहीं है।
देशभर में मोदी की बढ़ती लोकप्रियता के चलते वे सबसे प्रबल दावेदार हैं। किसी और नेता को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करने पर भाजपा को कार्यकर्ताओं के विद्रोह का खतरा लग रहा है। दूसरी ओर, मोदी को उम्मीदवार घोषित करने पर एनडीए का कुनबा बढ़ने की बजाए बिखरने की आशंका है। ऐसे में भाजपा के लिए अकेले 200 सीटें जीत पाना आसान नहीं है।
पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि पार्टी संसदीय बोर्ड उचित समय पर इस मसले पर फैसला करेगा, क्योंकि अभी यह मुद्दा उछालने से सरकार को महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से बचने का मौका मिल जाएगा। बहरहाल, भाजपा की इसी उहापोह के बीच पहली मार्च से दिल्ली में होने जा रही राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मोदी का मामला जोर पकड़ेगा।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की चेतावनी के बावजूद कार्यकर्ताओं की ओर से मोदी को पीए पद का उम्मीदवार बनाने की मांग लगातार मुखर होती जा रही है। हालांकि बड़े नेताओं ने मोदी के सवाल पर अब खामोशी ओढ़ ली है। बुधवार को दिल्ली और इलाहाबाद के कुंभ में भी मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की मांग पर जमकर नारेबाजी हुई। आने वाले दिनों में यह मांग और तेज होती दिखेगी।