अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं टीवी बहू और भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी और प्रियंका गांधी वाड्रा की निजी सचिव के बीच झगड़ा हो गया।
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स्मृति उस वक्त मतदान केंद्रों का जायजा ले रही थीं, जब वहां उन्हें प्रियंका की पीए प्रीति सहाय दिखीं। उन्हें देखकर स्मृति भड़क उठीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी की सचिव अमेठी में मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा उम्मीदवार ने चुनाव आयोग से इस मामले पर गौर करने और जल्द से जल्द कदम उठाने का आग्रह किया। उनके आग्रह का असर भी हुआ और कुछ देर बाद ही प्रीति सहाय को अमेठी छोड़ने के निर्देश दे दिए गए।
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दोनों के बीच कैमरे के सामने हुआ झगड़ा
स्मृति ईरानी ने अमेठी के थाउरी पोलिंग सेंटर के एक पोलिंग बूथ पर प्रीति सहाय को कुछ मतदाताओं से बातचीत करते देखा। दोनों का आमना-सामना हुआ और सारी बहस कैमरे में रिकॉर्ड हुई।
भाजपा उम्मीदवार ने सबसे पहले सवाल उठाया कि प्रीति सहाय अमेठी में नहीं रहतीं, ऐसे में मतदान के वक्त पोलिंग बूथ पर वो क्या कर रही हैं? जाहिर है, प्रीति ने भी स्मृति को जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि पोल पैनल ने कहा कि उम्मीदवार के अलावा चुनाव प्रचार में लगे बाकी सभी लोगों को वोटिंग से एक दिन पहले लोकसभा क्षेत्र छोड़ना होता है, क्योंकि वो उस जगह के वोटर नहीं हैं।
भाजपा उम्मीदवार ने की शिकायत
प्रीति सहाय को पोलिंग बूथ से जाने के लिए कहते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि वो इस बार में चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज कराएंगी। उन्होंने मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी के पास शिकायत भी की।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की पीए मतदाताओं को प्रभावित कर वोट कांग्रेस के पक्ष में डलवा रही हैं। तभी वहां मौजूद अधिकारियों ने बीच-बचाव किया। स्मृति ईरानी और प्रीति सहाय को वहां से जाने के लिए कहा गया।
लेकिन इस दौरान भी दोनों पक्षों के बीच गर्मागर्मी बरकरार रही। स्मृति बार-बार अधिकारी से कह रही थीं कि प्रीति सहाय को यहां मौजूद रहने का अधिकार देने वाला पत्र दिखाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अधिकृत पत्र देखने की मांग की।
दोनों ने एक-दूसरे पर लगाया इल्जाम
भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी इससे पहले प्रीति से इस तरह का पत्र दिखाने की मांग कर रही थीं, जिसमें उन्हें वोटिंग के वक्त अमेठी में मौजूद रहने की इजाजत दी गई हो।
प्रीति का कहना था कि वो नहीं, बल्कि स्मृति ईरानी और भाजपा कार्यकर्ता आम वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, कुछ देर बाद स्मृति ईरानी की बात का असर हुआ।
जिलाधिकारी ने प्रीति सहाय को अमेठी छोड़ने के निर्देश दे दिए और ऐसा हुआ भी। दरअसल, अमेठी में सियासी पारा बेहद गर्म है। भाजपा ने पहली बार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उनके गढ़ में घेरने की कोशिश की। और उसकी शुरुआत आम आदमी पार्टी ने की।
कुमार विश्वास ने भी राहुल पर उठाया सवाल
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुमार विश्वास ने भी इल्जाम लगाया कि राहुल गांधी और उनके कार्यकर्ता अमेठी की जनता पर दबाव बनाकर कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक मतदान केंद्र पर बूथ कैप्चरिंग तक का आरोप लगा दिया।
हालांकि, मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और मतदाताओं ने साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं है और वहां सब कुछ दुरुस्त चल रहा है। लेकिन कुमार विश्वास मानने को तैयार नहीं थे।
कुमार ने कहा, "राहुल गांधी का वोटिंग के दिन सवेरे अमेठी पहुंचना उनकी बौखलाहट को दिखाता है। यह साफ हो चुका है कि वो अमेठी में कई लाख वोट से हारने वाले हैं, इसलिए यह सब किया जा रहा है।"
दो दिन पहले आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुमार विश्वास के परिवार को अमेठी से चले जाने के लिए कहा गया था, क्योंकि वे लोग यहां के वोटर नहीं हैं।
इसके अलावा भाजपा और AAP के नेताओं-कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया, क्योंकि वो लोग अमेठी के वोटर न होने के बावजूद इस इलाके में डटे हुए थे।
अमेठी में तीन तरफा दिलचस्प मुकाबला है। राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने अपने भाई के लिए प्रचार में पूरी जान लगा दी थी और उन्हें चुनौती देने में स्मृति ईरानी या कुमार विश्वास पीछे नहीं हैं।