भाजपा ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री को कोलगेट से संबंधित गायब फाइलों को लेकर संसद में जवाब देना ही होगा।
पार्टी यह मामला पुरजोर तरीके से उठाने की तैयारी में है। इससे रक्षाबंधन के अवकाश के बाद बृहस्पतिवार को शुरू होने जा रही संसद की बैठक के भी हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।
कोलगेट कांड पर कड़े तेवर करते हुए भाजपा प्रधानमंत्री को राहत देने के मूड में नहीं है। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कोलगेट की गायब फाइलों का सवाल अभी अनसुलझा है। इसलिए प्रधानमंत्री को जवाब देना ही होगा।
उन्होंने कहा कि जब तक जवाब नहीं आएगा तब तक लोगों के मन में संदेह बना रहेगा कि फाइलें पीएम को बचाने के लिए ही गायब कराई गई। संदेह इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि कोयला मंत्रालय ने पुलिस में मुकदमा भी दर्ज नहीं कराया।
भाजपा के इन कड़े तेवरों से अब बृहस्पतिवार को भी संसद में हंगामा होने की संभावना बढ़ गई है। दूसरी तरफ सरकार लोकसभा में खाद्य सुरक्षा बिल पर चर्चा कराने की कोशिश में है।
भाजपा ने कहा है कि वह भी इस विधेयक को पारित कराने के पक्ष में है, लेकिन कांग्रेस की मंशा ठीक नहीं है।
नकवी ने कहा कि लोकसभा से पारित होने से पहले ही कांग्रेस शासित तीन राज्यों में इस पर अमल भी करा दिया गया है। यह कदम गैर कांग्रेस शासित राज्यों के साथ यह सौतेला व्यवहार जैसा कदम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तव में कांग्रेस को गरीबों की बजाए अपने वोट बैंक की ज्यादा फिक्र है। भाजपा पहले ही कह चुकी है कि वह छत्तीसगढ़ के मॉडल पर ही खाद्य सुरक्षा कानून चाहती है। इसके लिए इस विधेयक को लेकर पहले ही संशोधन दे दिये गये हैं।