अरविंद केजरीवाल के खुलासे के बाद भाजपा भी कालेधन पर फिर से मैदान में कूद पड़ी है। पार्टी ने यूपीए सरकार से विदेशी बैंकों में कालाधन रखने वालों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है।
मुद्दा हाथ से खिसकते देख भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि कालेधन का मुद्दा वह साल 2009 के लोकसभा चुनाव से उठाती रही है, लेकिन चुनावी घोषणापत्र में वादा करने के बावजूद कांग्रेस ने इस मामले में कोई ठोक कार्रवाई नहीं की।
पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने यहां कहा कि यूपीए सरकार ने इस मामले पर संसद में जो श्वेत पत्र रखा था, उसमें कुछ भी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार को कालाधन रखने वालों के नाम उजागर करने चाहिए।
भाजपा ने कांग्रेस की सूरजकुंड की संवाद बैठक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसे भ्रष्टाचार और बेलगाम महंगाई पर भी चिंतन करना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ दल को टूजी, कोल आवंटन, राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं से संबंधित मामलों की जांच की प्रगति व महंगाई के मामले की सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कोल आवंटन मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को आवंटित भटगांव कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द कर दिया है। इसमें प्रदेश सरकार के साथ भाजपा सांसद अजय संचेती की भी हिस्सेदारी है, जिन्हें अध्यक्ष नितिन गडकरी के करीबी माना जाता है।
भाजपा ने कहा कि क्या कांग्रेस इस बात पर विचार करेगी कि उसके शासन में आम आदमी का जीना क्यों बेहाल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घोटालों के अलावा आम आदमी विरोधी फैसले कर रही है। रिटेल में एफडीआई से लेकर घरेलू गैस सिलेंडरों से संबंधित फैसले इस बात के गवाह हैं।