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किस कानून के तहत वापस ले रहे आतंकियों से मुकदमे

Fri, 09 Nov 2012 11:50 PM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
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रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने वाले आतंकियों से मुकदमा उठाए जाने के बाबत हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि वह किस कानून के तहत मुकदमे वापस ले रही है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरएसआर मौर्या की खंडपीठ ने एक जनहित पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब-तलब किया है।
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वाराणसी के नित्यानंद चौबे द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2007 को कुछ आतंकियों ने रात में रामपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हमला कर दिया था। अचानक हुए इस हमले में सीआरपीएफ के सात जवानों और एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी।

घटना के 40 दिन बाद सुरक्षाबलों ने पाक अधिकृत कश्मीर के इमरात सहजाद उर्फ अब्बू ओसामा, गुलरावाला पाकिस्तान के मोहम्मद फारूख उर्फ अब्बू जुल्फकार, सबाउद्दीन उर्फ बाबा निवासी मधुबनी बिहार, फईम अर्सद अंसारी निवासी एमजी रोड गोरेगांव मुंबई, मोहम्मद शरीफ उर्फ सुहैल निवासी खजुरिया रामपुर, जंगबहादुर खान उर्फ बाबा मिलक निवासी मुढापांडे मुरादाबाद, गुलाम खां निवासी बरेली और मोहम्मद कौसर निवासी कुंडा प्रतापगढ़ को गिरफ्तार किया था।
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इनके पास से असलहे भी बरामद हुए। इन आंतकियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में मुकदमा अभी विचाराधीन है। इस बीच, सपा सरकार इन आतंकियों से मुकदमा उठाने की तैयारी कर रही है। जनहित याचिका में अखबारों में प्रकाशित खबरों को आधार बनाया गया है। याचिका को कोर्ट ने 22 नवंबर को सुनवाई हेतु प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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