कांग्रेस नेताओं की ओर से भाजपा पर किए जा रहे हमले का दौर जारी है।
इस क्रम में मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने भाजपा को आतंकवाद का प्रतीक करार दे दिया। कांग्रेस नेता का यह बयान एक बार फिर से विवाद खड़ा कर सकता है।
मीडिया से बातचीत में अफजल ने कहा कि भाजपा आतंकवाद का प्रतीक है। इस पार्टी के लोगों ने 2002 में गुजरात में जो कुछ किया वह आतंकवाद से कम नहीं।
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उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या करना और उन्हें नुकसान पहुंचाना आतंकवाद नहीं है तो और क्या है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह भाजपा के बारे में कोई नई बात नहीं कह रहे हैं। भाजपा के बारे में मीडिया भी यही बातें कहता रहा है। अफजल ने गुजरात दंगे को राज्य प्रायोजित आतंकवाद भी करार दिया।
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पार्टी महासचिव शकील अहमद ने द्वारा इंडियन मुजाहिद्दीन को गुजरात दंगों की उपज बताए जाने के बारे में पूछे जाने पर अफजल ने कहा कि अहमद ने खुद ही अपने बयान को निजी बताया था। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पार्टी में अलग-अलग राय है तो उसे पार्टी में लोकतंत्र की ताकत माना जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने सोमवार को कहा था कि अहमद की टिप्पणी पार्टी की राय नहीं है। बाद में इस अहमद ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।
इस मुलाकात के बारे में पार्टी नेता कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। वे इस बात की जानकारी देने से कतरा रहे हैं कि अहमद खुद गांधी से मिलने पहुंचे थे अथवा उन्हें बुलाया गया था।