जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने अपनी नई टीम से शिवानंद तिवारी की छुट्टी कर दी है।
पुरानी टीम में महासचिव और प्रवक्ता की अहम जिम्मेदारी निभाने वाले तिवारी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधियों में शामिल रहे हैं।
अपनी नई टीम में शरद ने दो अल्पसंख्यक चेहरों को जगह दी है तो वरिष्ठ नेता केसी त्यागी का रुतबा बरकरार रखा है।
अन्य राज्यों में पार्टी का आधार खड़ा करने के लिए नई टीम में कर्नाटक के एमपी नाथगौड़ा और तमिलनाडु के के. राजशेखरन को बतौर उपाध्यक्ष शामिल किया गया है। शरद की नई टीम से तिवारी की छुट्टी के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भले ही तिवारी मोदी के मुखर विरोधी होने के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी हैं, लेकिन शरद उनके बड़बोलेपन से नाराज चल रहे थे।
सूत्रों का यह भी कहना है कि तिवारी को नई टीम में जगह नहीं मिलने से निकट भविष्य में पार्टी में विवाद खड़ा हो सकता है। नई टीम में केसी त्यागी पहले की तरह ही फिर से प्रधान महासचिव और प्रवक्ता बनाए गए हैं।
नई टीम में दो अल्पसंख्यकों जावेद रजा और मौलाना गुलाम रसूल बलियावी को महासचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त इस टीम के माध्यम से बिहार के जातीय समीकरण को भी साधने की कोशिश की गई है।