रिटेल में एफडीआई के बाद भाजपा अब निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एफडीआई की सीमा बढ़ाने के खिलाफ मैदान में उतर आई है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि यह प्रस्ताव देश की सुरक्षा के हिसाब से उचित नहीं है।
जोशी ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को सौंपी मायाराम कमेटी की सिफारिशों पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस रिपोर्ट में सुरक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
जोशी ने कहा कि भाजपा खासतौर पर निजी सुरक्षा एजेंसियों में एफडीआई की सीमा 49 से बढ़ाकर 100 फीसदी करने के सख्त खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख लोग निजी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े हैं और ये सुरक्षा गार्ड निजी व सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।
लाल किला से लेकर कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक भवनों की सुरक्षा भी निजी सुरक्षा गार्डों के पास है।
इसके बावजूद यह बात समझ में नहीं आ रही है कि सरकार निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एफडीआई की सीमा 100 फीसदी क्यों करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है।