पारले मोनैको बिस्किट खाकर एक बच्ची ने उल्टी कर दी। अभिभावकों ने देखा कि बिस्किट में मिट्टी जैसा काले रंग का कोई पदार्थ मिला हुआ है। बच्ची को तुरंत डॉक्टर को दिखाया और उसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस पर विभाग की टीम ने पहले दुकान और फिर वितरक के यहां छापा मार दिया।
इस दौरान बिस्किट के 142 पैकेट सीज कर दिए गए। साथ ही वितरक एवं जिले भर में बिस्किट सप्लाई करने वाली कंपनी को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया किया कि इस बैच सभी पैकेट बाजार से तत्काल वापस मंगा लिए जाएं।
किदवई नगर अल्लापुर स्थित फेथ जनरल स्टोर से खरीदा गया पांच रुपये का पारले मोनैको बिस्किट एक बच्ची की सेहत के लिए खतरा बना गया। बच्ची ने बिस्किट खाया तो उसे उल्टियां शुरू हो गईं। अभिभावकों को पहले तो कुछ समझ में नहीं आया। बच्ची को लेकर डॉक्टर के पास भागे।
बाद में बिस्किट को देखा तो उसमें काले रंग का कोई पदार्थ मिला था। अभिभावक वही बिस्किट लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों के पास पहुंचे। अफसरों ने बिस्किट की जांच की और इसके बाद जनरल स्टोर पर छापा मार दिया।
समान बैच के सभी पैकेट वापस लेने का निर्देश
अभिहित अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव और खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश राय ने दुकान में छानबीन की लेकिन उस बैच का अन्य कोई पैकेट नहीं मिला, जिस बैच का बिस्किट बच्ची ने खाया था। दुकानदार ने बताया कि उसने ड्रमंड रोड स्थित अक्षय इंटरप्राइजेज से बिस्किट मंगाए थे।
टीम ने वितरक अक्षय इंटरप्राइजेज पर छापा मारा। वहां समान बैच वाले बिस्किट के 142 पैकट मिल गए। टीम ने सभी पैकैट सीज कर दिए। वितरक के पास खाद्य लाइसेंस नहीं था, सो उसे नोटिस जारी कर दिया और लाइसेंस बनवाने तक बिस्किट की सप्लाई पर रोक लगा दी।
इसके बाद टीम ने पूरे जिले में बिस्किट सप्लाई करने वाली एसएम गुप्ता एंड कंपनी नैनी को नोटिस जारी कर दिया, क्योंकि वितरक के पास लाइसेंस न होने बावजूद कंपनी ने उसे बिस्किट की सप्लाई की। कंपनी को निर्देश दिया गया कि जिस बैच नंबर के बिस्किट खाकर बच्ची को उल्टियां हुईं, उस बैच नंबर वाले बिस्किट के सभी पैकेट बाजार से तत्काल वापस मंगा लिए जाएं।
टीम ने बच्ची के अभिभावकों से मिले बिस्किट का नमूने और अपनी तरफ से भी उसी बैच के दूसरे पैकेट से बिस्किट का एक अन्य नमूना जांच के लिए गोरखपुर स्थित विभागीय प्रयोगशाला भेज दिया। अभिहित अधिकारी ने बताया कि मिलावट की पुष्टि होती है तो सीधे कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।