कोयला घोटाले में सीबीआई की नई एफआईआर के बाद उद्योगपतियों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इस मुद्दे पर आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला शुक्रवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मिले।
सीबीआई ने समूह की कंपनी हिंडाल्को के साथ-साथ उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है। कारोबारी घरानों के खिलाफ बढ़ती मुकदमेबाजी से नाराज उद्योग जगत बिड़ला के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटा है।
नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक के बारे में कुमार मंगलम बिड़ला ने बताया कि वित्त मंत्री के साथ कई मुद्दों के अलावा सीबीआई की एफआईआर पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, इसलिए वह एफआईआर से परेशान नहीं हैं।
इस मामले का असर समूह के बैंक लाइसेंस की दावेदारी पर पड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता, इस मामले का बैंक लाइसेंस पर असर पड़ेगा।
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एफआईआर के साथ-साथ जिस तरह आदित्य बिड़ला समूह के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी हुई, उसे लेकर भी कुमार मंगलम बिड़ला ने नाराजगी जताई है।
माना जा रहा है कि उन्होंने वित्त मंत्री के सामने सीबीआई की छापेमारी और आयकर जांच का मुद्दा भी उठाया है। वित्त मंत्री के अलावा राजस्व सचिव सुमित बोस के साथ हुई उनकी मुलाकात को भी इसी मसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
गत मंगलवार को हिंडाल्को के दिल्ली ऑफिस पर सीबीआई के छापे में 25 करोड़ रुपये बरामद हुए थे, जिसका ब्योरा नहीं मिल पाया था। मामले की जांच आयकर विभाग को दी गई है।