फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांझी ने महिलाओं के 'चरित्र' पर उठाए सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बयानों पर जनता दल यूनाइटेड के बड़े नेता भी लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। अगड़ी जातियों को विदेशी बताने के बाद अब उन्होंने उन महिलाओं पर जुबानी बमबारी कर दी है, जिनके पति नौकरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं।
विज्ञापन


बुधवार को गोपालगंज में एक कार्यक्रम में जीतनराम मांझी ने कहा कि विवाह के बाद जिन महिलाओं के पति नौकरी करने के बाहर चले जाते हैं, वे क्या करती हैं ये सभी को पता है।

माना जा रहा है कि जीतनराम मांझी ने ऐसा कहकर उन महिलाओं के चरित्र पर संदेह जताया है। वहीं अगड़ी जातियों को विदेशी कहने के मुद्दे पर उन्होंने कहा है कि मैंने अपना बयान ऐताहसिक तथ्यों के आधार पर दिया है।
विज्ञापन

विज्ञापन

मांझी के बयानों से मु‌श्किल में जदयू

इससे पहले बुधवार को मांझी ने कहा था कि ऊंची जाति के लोग इस देश के मूल निवासी नहीं हैं, फिर भी वह यहां राज कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आदिवासी और दलित ही यहां के मूल निवासी हैं और उन्हें अपना अधिकार लेना चाहिए।

वे वाल्मीकि नगर में आदिवासियों को संबोधित कर रहे थे। मांझी के बयान पर जदयू के नेताओं ने ही तीखी प्रतिक्रिया दी।

जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि मांझी को बिहार के उन विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया था, जिनकी शुरुआत नी‌तीश कुमार ने की थी। उन्हें इति‌हास लिखने के लिए मुख्यमंत्री पद नहीं सौंपा गया था।

त्यागी ने कहा था कि मांझी अपने बयानों से पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई संभव है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें