चुनावी घमासान के बीच महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज पर हक जताने की होड़ लग गई है। इस चक्कर में राजनीतिक पार्टियां में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
शिवाजी के नाम का इस्तेमाल भाजपा भी कर रही है। इससे शिवसेना आगबबूला हो गई है। एनसीपी ने भी भाजपा के विज्ञापन पर सवाल उठाया है।
उधर, चुनाव आयोग ने कांग्रेस के विज्ञापन पर नोटिस भेजा है, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की परेशानी बढ़ सकती है।
भाजपा चुनाव में शिवाजी के आशीर्वाद के साथ वोट मांग रही है, जो शिवसेना को मंजूर नहीं है। दरअसल, शिवसेना छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति करती है। इसलिए उन पर अपना एकाधिकार समझती है।