रविवार को भारत और नेपाल में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भारत में इसकी तीव्रता 6.9 रही है। यह झटका 12 बजकर 39 मिनट पर लगा। यह झटके दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, असम, मध्य प्रदेश और बिहार में महसूस किए गए। इस भूकंप का केंद्र काठमांडू से 80 किलोमीटर दूर कोडारी नाम की जगह पर था। भूकंप की वजह से दिल्ली मेट्रो सेवा भी रोक दी गई है। भूकंप से बिहार के मधेपुरा में जेल की दीवार भी गिर गई है।
नेपाल में शनिवार को कुदरती कहर ने जिंदगी को दहलाकर रख दिया। रिक्टर पैमाने पर 7.9 की तीव्रता वाले भूकंप ने दो मिनट के भीतर मौत और तबाही का ऐसा मंजर दिखाया कि दुनिया थर्रा गई। मकान ढहे, ऐतिहासिक धार्मिक इमारतें जमींदोज हुईं और देखते ही देखते सब कुछ तबाह हो गया। नेपाल में अब तक 2200 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें से 721 लोग केवल काठमांडू के हैं। वहीं दूसरी ओर, घायलों की संख्या 4,500 से भी अधिक हो गई है। फिलहाल नेपाल में 10 दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है।
भूकंप का असर आज भी देखने को मिल रहा है। कुछ टीवी चैनलों के अनुसार नेपाल में सुबह से अब तक भूकंप के करीब 6 झटके महसूस किए गए हैं, हालांकि इनकी तीव्रता अधिक नहीं थी। नेपाल से अब तक करीब 546 भारतीय लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। काठमांडू एयरपोर्ट भी खोल दिया गया है और विमान सेवाएं शुरू हो गई हैं। नेपाल में आए इस भूकंप से वहां का लोकप्रिय पशुतिनाथ मंदिर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। मंदिर की बाहरी दीवारों को काफी नुकसान हुआ है।
हृदय विदारक तबाही के दृश्य हर ओर बिखरे दिखाई दिए। भारत भी इस तबाही से अछूता नहीं रहा। बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल में 51 लोगों की मौत हुई है, जबकि 237 लोग घायल हुए हैं। बिहार में सबसे अधिक 38 लोगों की मौत हुई। पड़ोसी देश में पिछले 81 सालों में आए इस सबसे भीषण भूकंप में सबसे अधिक तबाही काठमांडू में हुई है। नेपाल सरकार ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है।
भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से करीब 80 किमी पूरब में लामगंज में धरती के 10 किमी भीतर था। दोपहर से पहले 11:56 बजे आए इस भूकंप की ताकत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि चीन, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के कई इलाकों में भी झटके महसूस किए गए।
बाद में भी 4.5 की तीव्रता से 16 से अधिक झटके महसूस किए गए। इससे पहले 1934 में नेपाल और बिहार में 8.4 की तीव्रता से भूकंप आया था। नेपाल के वित्त मंत्री राम शरन महत ने ट्वीट किया कि सेना ने अब तक 1457 मौतों का अनुमान लगाया है।