उत्तरप्रदेश में मेरठ के पीएल शर्मा रोड स्थित दुर्गा कॉम्प्लेक्स में दीपावली की आधी रात भीषण विस्फोट हो गया। इसकी गूंज एक किलोमीटर तक सुनी गई। इससे कॉम्प्लेक्स की नौ दुकानें तहस-नहस हो गईं।
धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई। धमाके से पहले एक संदिग्ध युवक को कॉम्प्लेक्स के पास टहलते देखा गया था। इससे बिजनौर धमाके की तरह किसी आतंकी करतूत की तरफ भी शक की सुई घूम रही है।
हालांकि, आईजी जोन आलोक शर्मा ने इससे इनकार करते हुए इसे हाई कार्बन कंटेंट केमिकल का नतीजा बताया है। लोकल एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) के अलावा बम निरोधक दस्ते ने देर शाम तक कई नमूने जांच के लिए एकत्रित किए। वहीं, देर रात आगरा एफएसएल से भी एक टीम जांच के लिए पहुंच गई।
विस्फोट बृहस्पतिवार आधी रात करीब 1:20 बजे अपर इंडिया डेयरी के सामने स्थित दुर्गा कॉम्प्लेक्स में नितिन सिंघल की कॉम्पएड एंड रम्या फोटोस्टेट शॉप में हुआ। यहां कंप्यूटर रिपेयर और लेजर प्रिंटर की रिफिलिंग होती है।
काफी तेज आवाज में धमाके के साथ दुकान में आग लग गई। इसी कॉम्प्लेक्स की बाहरी तरफ कशिश फोटो स्टेट के नाम से दुकान चलाने वाला पवन (30) पुत्र शीशराम निवासी हीरा लाल बिल्डिंग कॉम्पलेक्स में टायलेट करने पहुंचा तो विस्फोट की चपेट में आ गया। करीब 85 प्रतिशत झुलसे पवन को निजी अस्पताल से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जहां उसकी मृत्यु हो गई।
विस्फोट से नितिन की दुकान के अलावा कॉम्प्लेक्स में स्थित कशिश फोटोस्टेट शॉप, प्रिंस मोबाइल शॉप, प्रशांत मोबाइल शॉप, सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान, एक रेस्टोरेंट, आईटी इंस्टीट्यूट के अलावा ट्यूटर एकेडमी में काफी नुकसान पहुंचा।
पुलिस अफसरों का कहना है कि नितिन की कंप्यूटर शॉप में फोटो स्टेट मशीन, कई कंप्यूटरों के अलावा करीब 50 किलो टोनर इंक (ड्राई पाउडर) भी रखी थी। इस केमिकल से गैस बनी और उसके प्रेशर से ही इतनी तेज आवाज हुई।
शटर और दीवार उड़ी, भारी नुकसान
घटनास्थल के आसपास का 20 गज का एरिया विस्फोट से ज्यादा प्रभावित हुआ, जिसकी तीन तरफ मार हुई। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कई दुकानों के शटर और अन्य सामान 100 फीट तक उड़ गए। आसपास के घरों की दीवारें भी हिल गईं। विस्फोट की गूंज करीब एक किलोमीटर तक सुनी गई।
बेगमपुल, जीरो माइल, जवाहर क्वार्टर, आदर्श नगर, साकेत, बेगमबाग, विजय नगर, असौड़ा हाउस, त्यागी हॉस्टल आदि के लोग भी वहां पहुंच गए। विस्फोट से नितिन की दुकान के आगे की दीवार भी उड़ गई।
तीसरी मंजिल पर फंसा परिवार:
आग की सूचना पर सीएफओ (चीफ फायर ऑफिसर) आईएस सोनी फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर चौकीदार के परिवार के पांच सदस्य फंस गए। वे इस कदर सहमे थे कि बचने के लिए छलांग लगाने को तैयार थे। दमकल कर्मियों ने बीए सेट (ब्रीथिंग एप्रेट्स सेट) ऑक्सीजन मास्क के जरिए उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा।
पहले विस्फोट, फिर आग लगी:
विस्फोट के बाद आग लगी तो चारों तरफ धुएं का गुबार और टोनर की कालिख फैल गई। इसके बाद आग लग गई। काफी देर तक पता ही नहीं चला कि धमाका कहां और कैसे हुआ। आसपास के लोग इस विस्फोट से दहशत में सड़कों पर आ गए। कॉम्प्लेक्स की दीवारें ठंडी होने के बाद एफएसएल और बम निरोधक दस्ता जांच में जुटा।
आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी रेंज रमित शर्मा और एसएसपी ओंकार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं सांसद राजेंद्र अग्रवाल, मेयर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल ने इसे शरारत बताते हुए कहा कि यह सामान्य धमाका नहीं हो सकता। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। सपा एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल का भी यही कहना था।
पुलिस ने कॉम्प्लेक्स और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। कॉम्प्लेक्स के सामने गली में लगे सीसीटीवी की फुटेज में एक संदिग्ध युवक देखा गया है। पुलिस अफसरों ने बताया कि वह घटना से 15 मिनट पहले कॉम्प्लेक्स के पास था। धमाके से ठीक पहले अचानक गायब हो गया।
एसएसपी का कहना है कि विस्फोट से पहले पवन अपनी दुकान पर था। जहां उसके साथ दो दोस्त अमित और शैंकी भी थे। शैंकी को उसने कबाब लाने भेज दिया था। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
धमाके पर दावों, आशंकाओं की धुंध
दुर्गा कॉम्प्लेक्स में धमाके की कहानी दावों और आशंकाओं के बीच उलझ गई है। शुरुआती जांच के बाद आईजी जोन ने कहा है कि धमाका हाई कार्बन कंटेंट केमिकल से हुआ। उनके मुताबिक, जो कुछ हुआ, दुकान के अंदर से हुआ। दुकान में करीब 50 किलो टोनर रखा था। किन्हीं कारणों से गैस के साथ इतना प्रेशर बना कि धमाका हुआ और आसपास की दुकानें भी चपेट में आ गईं। वहीं, जनप्रतिनिधि कह रहे हैं कि धमाका गलत मकसद की तरफ इशारा कर रहा है।
शुक्रवार सुबह दुर्गा कॉम्प्लेक्स में जांच के लिए पहुंचे आईजी जोन आलोक शर्मा ने बताया कि जिस दुकान में धमाका हुआ, उसमें काफी मात्रा में टोनर रखा था। यह फोटो स्टेट मशीन की कार्टेज की रिफिलिंग में काम आता है।
नितिन की दुकान के अंदर से तीन तरफ, जहां तक धमाके की मार हुई, वहां टोनर इंक की कालिख मिली है। दुकान के अंदर भी ऐसा ही मिला। शुक्रवार देर शाम तक एफएसएल के वैज्ञानिकों और बम निरोधक दस्ते द्वारा की गई जांच में ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे कहा जा सके कि किसी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ हो।
उन्होंने कहा कि आगरा एफएसएल से भी विस्तृत जांच के लिए वैज्ञानिकों की टीम बुला ली गई है, जो विस्फोट के असली कारणों का पता लगाएगी।
आईजी ने इस घटना को बिजनौर ब्लास्ट से जोड़ने से इनकार करते हुए कहा कि यह आधी रात को ऐसे स्थान पर हुई, जहां कोई परिवार नहीं रहता। न वहां भीड़ थी और न ही आसपास। उधर, एसएसपी ओंकार सिंह का कहना है कि धमाके से दुकानदारों को भारी क्षति पहुंची है। फोरेंसिक एक्सपर्ट हर पहलू की पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
पांच घंटे की पड़ताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट ने नितिन की दुकान से कई नमूने जांच के लिए सील बंद किए हैं। आईजी आलोक शर्मा और डीआईजी रमित शर्मा द्वारा मौका मुआयना करने के बाद एक्सपर्ट ने शाम करीब पांच बजे तक दुकान की खुदाई कराकर नमूने लिए। एक्सपर्ट का कहना है कि लैब में जांच के बाद इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।
किसने क्या कहा?
पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पवन कुमार के
बयान लिए। उसने पुलिस को बताया कि जब वह टायलेट जा रहा था, उस दौरान नितिन
की दुकान में धुआं उठता दिखा। उसने शटर खोलने की कोशिश की, तभी आग का गोला
फट गया। धमाका हुआ और आग कॉम्प्लेक्स में फैल गई।
शोर मचाने पर उसके
दोस्त आए। उसके बाद कॉम्प्लेक्स में अलग-अलग दुकानों में शार्ट सर्किट से
भी धमाके होने लगे। पुलिस दो व्यापारियों में आपसी विवाद को लेकर जांच में
जुटी है। हालांकि, व्यापारियों के नाम उजागर नहीं किए हैं।
सीसीएसयू कैंपस के केमिस्ट्री हेड डॉ. आरके सोनी का कहना है कि फोटो स्टेट मशीन में रिफिलिंग में काम आने वाला ड्राई टोनर एक तरह से विस्फोटक का ही काम करता है। टोनर में लेड होता है, जिसमें नाइट्रेट भी मिक्स होता है। यह किसी बंद कमरे में भारी मात्रा में हो और चिंगारी या ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आ जाए तो काफी प्रेशर से फट सकता है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजेपयी ने कहा 'यह गहन जांच का विषय है। सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन सुबह तक घटनास्थल को खुला छोड़ दिया गया। सुबह 11 बजे तक वहां सैकड़ों लोग पहुंच गए। ऐसे में चाहे डॉग स्क्वाएड पहुंचे या कोई और, क्या सबूत मिलेगा। पुलिस अफसर इसे हल्के में न लें। जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसका ठोस निष्कर्ष निकलना चाहिए। इस संबंध में मैं केंद्रीय गृहमंत्री से भी वार्ता कर रहा हूं।'
वही इलाके के सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि त्योहारी सीजन में ऐसी घटना किसी गलत मकसद की तरफ इशारा करती है। व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पुलिस बिना गहन जांच के किसी ठोस नतीजे पर न पहुंचे। दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान दे।
इलाके की एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल का कहना है कि मैंने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। बड़ा नुकसान हुआ है। यह कोई सामान्य धमाका नहीं लग रहा है। मुख्यमंत्री से वार्ता कर व्यापारियों की जो मदद हो सकेगी, कराई जाएगी।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत शारदा अग्रवाल का कहना है कि यह काफी बड़ी घटना है। पुलिस इसके कारणों को नजरअंदाज न करे। पीड़ित व्यापारियों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
कहीं ये बिजनौर पार्ट-2 तो नहीं
पीएल शर्मा रोड स्थित दुर्गा कॉम्प्लेक्स में धमाका कहीं बिजनौर पार्ट-2 तो नहीं, इसे लेकर तमाम चर्चाएं हैं। बिजनौर से भागे आतंकियों का अभी तक सुराग नहीं लगा है। दो आतंकियों ने पीएल शर्मा रोड से ही लैपटॉप खरीदा था।
खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया था कि आतंकियों ने बम बनाने का सामान मेरठ से ही खरीदा था। त्योहारों पर हाई अलर्ट के बीच जिले को पहले से ही अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
बिजनौर के जाटान मुहल्ले में 12 सितंबर को हुए धमाके के बाद सिमी के छह आतंकी फरार हो गए थे। इनमें से दो मेरठ में पीएल शर्मा रोड स्थित गैलेक्सी कंप्यूटर से लैपटॉप खरीदने के साथ दूसरी बार सॉफ्टवेयर लोड कराकर ले गए थे।
खुफिया एजेसियों की जांच में सामने आया था कि ये आतंकी मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली में रेकी के दौरान एक-एक बैग छोड़ गए थे। आतंकियों के मंसूबे दीपावली और गोवर्धन पर प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एक साथ कई धमाके करने के थे।
आला अफसर भी इन आतंकियों की सटीक लोकेशन नहीं मिलने से चिंतित थे। पश्चिमी यूपी में मौजूद स्लीपिंग मॉड्यूल्स द्वारा इन आतंकियों की मदद करने की बात भी सामने आई थी। इससे किसी बड़ी वारदात की आशंका भी जताई गई थी।
संदिग्ध और कॉल का कनेक्शन:
दुर्गा कॉम्प्लेक्स की गैलरी में धमाके से पहले एक संदिग्ध व्यक्ति वहां करीब 15 मिनट तक घूमता रहा। वह विस्फोट से महज कुछ पल पहले ही वहां से गायब हो गया। यह व्यक्ति सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया है।
फुटेज में इसके गायब होने के बाद कुछ देर बाद ही दुकानदार पवन झुलसी अवस्था में भागते हुए देखा गया। वह विस्फोट के पहले कॉम्प्लेक्स की गैलरी में टायलेट करने गया था। उसी समय उसके मोबाइल पर कॉल आ गई थी। उसने जैसे ही कॉल रिसीव की, धमाका हो गया।
बुरी तरह झुलसा पवन कॉम्प्लेक्स के बाहर लगे सरकारी नल पर आग बुझाने पहुंचा। जहां उसके जले हुए कपड़े और शरीर की खाल पड़ी मिली है। माना जा रहा है कि कोई विस्फोटक पदार्थ गैलरी में ही प्लांट किया गया था, जिसका संबंध किसी रिमोट सेंसर से था। पवन द्वारा कॉल रिसीव करते ही यह धमाका हो गया।