गुजरात के निलंबित आइपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
गुरुवार को उन्होंने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि गुजरात किसी की जागीर नहीं है।
श्वेता भट्ट को कांग्रेस से टिकट मिलने की भी संभावना है। गौरतलब है कि संजीव भट्ट बीस साल पुराने हिरासत में मौत के मामले में वह पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
गत वर्ष फर्जी शपथ पत्र मामले में भट्ट की गिरफ्तारी के बाद श्वेता पहली बार मोदी के खिलाफ खुलकर सामने आ गई थीं। उन्होंने पति की न्यायिक हिरासत में हत्या की आशंका जताते हुए केंद्रीय गृहमंत्री तक को पत्र लिखा था।
गुरुवार को एक गैर सरकारी संगठन के कार्यक्रम में उन्होंने ने कहा कि गुजरात किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है। प्रदेश को भयमुक्त बनाना सबका फर्ज ही नहीं बल्कि अधिकार भी है। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल से गुजरात में लोकतंत्र नहीं हैं। यहां नफरत की राजनीति चल रही है।
श्वेता ने कहा कि राज्य में एक अधिकारी किसी दूसरे अधिकारी को मिल नहीं सकते। उनके फोन टैप किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने घर की जासूसी का भी आरोप लगाते हुए कहा कि उनके यहां कौन कौन आता है, इस पर निगरानी रखी जा रही है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि वह चुनाव लड़ेंगी, लेकिन भट्ट के करीबी इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। उनके मुताबिक श्र्वेता का किसी पार्टी में जाना तय नहीं है लेकिन मुख्यमंत्री मोदी के खिलाफ वह चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।