जाट आरक्षण पर हिंसक आंदोलन के प्रति खट्टर सरकार के बाद अब केंद्र सरकार की ओर से अपनाए जा रहे नरम रुख ने हरियाणा भाजपा के कद्दावर गैरजाट नेताओं की परेशानी बढ़ा दी है। इन नेताओं को लगता है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनाई जा रही इस नरमी के कारण कहीं उनका सियासी कैरियर मटियामेट न हो जाए।
यही कारण है कि आंदोलनकारियों के प्रति नरम रुख के बाद गैरजाट सांसद राजकुमार सैनी केखिलाफ भाजपा नेतृत्व की कार्रवाई की घोषणा के बाद गैरजाट नेता अपने अपने हिसाब से अपने वोट बैंक को सहेजने में जुट गए हैं।
गैरजाटों में बढ़ती नाराजगी थामने इलाके में डेरा डाल चुके केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जहां कहा है कि कोई भी समुदाय गर्दन पर चाकू रख कर अपनी बात नहीं मनवा सकता। जबकि दूसरे केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आंदोलन के दौरान व्यापक हिंसा की कड़ी निंदा की है।