टेस्ट क्रिकेट से धमाकेदार विदाई के बाद भारत रत्न पुरस्कार से नवाजे गए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अभी इस पुरस्कार पर ठीक से प्रतिक्रिया भी नहीं दे पाए थे और इस पर बवाल मच गया है।
जनता दल यूनाइटेड के नेता और राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी ने सचिन को भारत रत्न देने पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद को यह पुरस्कार क्यों नहीं दिया गया, जबकि उनकी उपलब्धियां कहीं ज्यादा है।
तिवारी ने कहा, "सचिन को भारत रत्न देने से मैं सहमत नहीं हूं। दरअसल, ऐसा कर भारत रत्न को ही मजाक बना दिया गया है। अब इस पुरस्कार का कोई महत्व नहीं रह गया है।"
उन्होंने कहा, "सचिन तेंदुलकर ने मुफ्त में क्रिकेट नहीं खेला। उन्होंने इसी खेल से हजारों करोड़ रुपए कमाए हैं, ऐसे में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाना समझ से परे है।"
तिवारी ने कहा कि भारत रत्न के लिए मेजर ध्यानचंद के नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया, यह सवाल बनता है।