'अमर उजाला' की 'बेटी ही बचाएगी' मुहिम की सराहना करते हुए सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज के हर वर्ग से इस मुहिम से जुडऩा चाहिए। सदर सांसद ने खुद भी शपथपत्र भरकर बेटियों को प्रोत्साहन के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिकाल से बेटियों ने अपने कृतित्व से अपने महत्व के उल्लेखनीय उदाहरण पेश किए हैं। आदिकाल से ही बेटियां देवी रूप में पूजनीय हैं। इतिहास साक्षी है कि बेटियों का योगदान जितना घर के भीतर है उतना ही सामाजिक सरोकारों के स्तर पर।
नवरात्र में नवमी पर वह खुद कन्याओं के पांव धोकर उन्हें पूजते हैं। उन्होंने कहा कि इस भावना को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। 'अमर उजाला' की 'बेटी ही बचाएगी' मुहिम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द बेटियों को प्रोत्साहन देने वाला सामूहिक वातावरण तैयार हो सके।
बेटियों को कमतर समझना नादानी : आरपीएन
वही, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने 'अमर उजाला' की 'बेटी ही बचाएगी' मुहिम के तहत शपथपत्र भरकर बेटियों के हक में अपनी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही कहा कि बेटियां विविध क्षेत्रों में खुद को सर्वोत्तम साबित कर चुकी हैं, लिहाजा उन्हें बेटों से कमतर समझना नादानी है।
सोमवार को कुशीनगर क्षेत्र में मौजूदगी के दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा सृष्टि का क्रम चलाने के लिए प्रकृति ने प्राणि को दो रूपों में विभाजित किया है। कन्याओं की घटती संख्या बेहद चिंता का विषय है।
सृष्टि और समाज का क्रम चलाने के लिए सभी का दायित्व है कि न केवल बेटियों की हिफाजत करें, बल्कि उनकी परवरिश पूरे मनोयोग से करें। सरकार इस ओर काफी प्रयासरत है लेकिन इस दिशा में अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। ऐसे में अमर उजाला की 'बेटी ही बचाएगी' मुहिम काबिल-ए-तारीफ है।