कंधई थाना क्षेत्र के मधुपुर गांव के एक युवक ने न सिर्फ अपनी प्रेमिका की आबरू लूटी, बल्कि उसे किसी दरिंदे के हाथ बेच दिया। प्रेमी पर भरोसा कर घर से भागी किशोरी एक से दूसरे हाथ बिकती रही और बार-बार उसकी अस्मत लूटती रही। एक खरीदार ने तो उसे नक्सलियों के हाथों बेच दिया। किसी तरह भागकर वह नक्सलियों के चंगुल से निकली तो पता चला कि वह सोनभद्र के दुद्धी थाना क्षेत्र में पहुंच गई है। किशोरी रविवार को जब सोनभद्र पुलिस के साथ गांव पहुंची तो प्रेमी की करतूत और पूरी कहानी सुन लोग दंग रह गए।
मामला मधुपुर स्थित सीनियर बेसिक विद्यालय के समीप रहने वाली एक किशोरी का है। कई माह पहले उसका प्रेमी उसे झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया। परिजनों ने बदनामी के भय से रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई। किशोरी के मुताबिक, प्रेमी उसे झांसी ले गया और कई दिनों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद एक व्यक्ति को पांच हजार रुपये में बेच दिया। खरीदार ने भी कई दिनों तक उसकी आबरू लूटी और बाद में सोनभद्र जिले के नक्सलियों को 25 हजार रुपये में उसे बेच दिया।
कई माह तक किशोरी नक्सलियों के चंगुल में रही। मौका लगने पर वह किसी तरह वहां से भागकर सोनभद्र जिले के दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव में पहुंची। गांववालों ने उसे प्रधान के घर पहुंचाया। किशोरी की आपबीती सुनकर प्रधान ने उसे दुद्धी पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल कराने के बाद किशोरी को लेकर महिला आरक्षी रविवार को कंधई थाने पहुंची।
जानकारी होने पर उसके परिजन भी थाने पहुंचे। किशोरी का बयान लेकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। किशोरी को झांसा देने वाला युवक फरार है। पुलिस का कहना है कि झांसी में खरीदार की तलाश की जाएगी और नक्सलियों से गठजोड़ की जानकारी ली जाएगी। ताकि नक्सली लड़कियां खरीदकर उन्हें किस रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, इसका भी खुलासा हो सके।
पुलिस को आशंका है कि किशोरी के प्रेमी के भी नक्सलियों से संबंध हो सकते हैं। एसओ परमेंद्र सिंह ने बताया कि सोनभद्र पुलिस ने किशोरी को बरामद किया है, इसलिए पूरी जांच वहीं हो रही है। घरवालों से पूछताछ कर मामले की तहकीकात की जाएगी।