केंद्रीय कृषि मंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने घातक बीमारी कैंसर के खिलाफ अपने संघर्ष को याद करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत संकल्प की मदद से वह इससे उबरने में कामयाब रहे। यदि संघर्ष और काम करना बंद कर देता तो कैंसर जीत सकता था। यह बात पवार ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही।
पवार ने एक दशक पहले अपने मुंह के कैंसर का ऑपरेशन कराया था। उन्होंने कहा कि चेहरे पर सूजन के बाद मेरे एक डॉक्टर दोस्त ने बायोप्सी कराने की सलाह दी थी। इसके बाद इसका इलाज शुरू हुआ। मुंह के अंदर की त्वचा जल चुकी थी, जिससे खाना खाने में भी दिक्कत होती थी। सर्जरी के एक माह के अंदर ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद की शपथ ली थी।