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कोर्ट के फैसले से सियासत करने वालों को मिला जवाब

Fri, 26 Jul 2013 02:01 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो्
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दिल्ली की अदालत द्वारा शहजाद को इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या का दोषी ठहराए जाने से बटला हाउस पर सियासत करने वालों को करारा जवाब मिल गया है। इस मुठभेड़ के बाद से ही इसकी सच्चाई पर सवाल उठाकर सियासत का खेल शुरू हो गया था।
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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने 2009 के लोकसभा और 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था।

सियासत के इस खेल में सपा भी आगे रही। सपा के पूर्व नेता अमर सिंह पार्टी के मौजूदा महासचिव राम गोपाल यादव के साथ बटला हाउस गए थे। उन्होंने भी मुठभेड़ को फर्जी बताया था।

बटला हाउस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर शर्मा की शहादत को भूल कर सियासी दलों ने राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम शुरू कर दिया।

बटला हाउस: एमसी शर्मा की हत्या में शहजाद दोषी करार

पिछले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने यहां तक कह दिया था कि मुठभेड़ में मारे गए मुस्लिम युवकों की फोटो देखकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी फूट-फूटकर रोने लगी थीं। उनकी इस बात पर दिग्विजय सिंह ने भी हामी भरी।
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मगर कांग्रेस ने उनके बयान से किनारा कर लिया, लेकिन स्थिति साफ नहीं की। पार्टी को जवाब देना भारी पड़ गया। बटला हाउस पर पार्टी नेताओं की सियासत से कांग्रेस किनारा तो करती रही, लेकिन कभी भी उनके मुंह पर ताला लगाने की कोशिश नहीं की गई।

बटला हाउस: क्या-क्या हुआ उस रोज?

बटला हाउस कांड के समय गृह मंत्री की कुर्सी पर पी. चिदंबरम थे। उन्होंने मुठभेड़ को जायज ठहराया था। बृहस्पतिवार को भी कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से खुश हैं। मुठभेड़ के बाद से ही चिदंबरम ने दिल्ली पुलिस का खुलकर बचाव किया।

मगर दिग्विजय सिंह ने कुछ सांसदों के साथ पीएम से मुलाकात कर मुठभेड़ पर सवाल उठाकर दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा किया था। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी।

दरअसल, एक साल बाद लोकसभा चुनाव होने थे। लिहाजा, वोट बैंक की राजनीति तेज हो गई। सबसे पहले अमर सिंह ने इस मामले को हवा दी। घटना के बाद वह बटला हाउस पहुंच गए। उन्होंने मुठभेड़ को फर्जी बताया।

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने न्यायिक जांच की मांग की। शहीद इंस्पेक्टर के परिवार ने सियासत करने वाले नेताओं की जमकर निंदा की।

मीडिया में विवाद बढ़ने के बाद अमर सिंह ने शर्मा की पत्नी को मुआवजे के तौर पर पैसे देने की कोशिश की थी, मगर शर्मा की पत्नी ने अमर सिंह को बैरंग लौटा दिया था।
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