चुनाव आयोग चाहता है कि अपराधियों और जघन्य अपराध में आरोपी लोगों के चुनाव लड़ने पर तत्काल रोक लगाई जाए। अगले लोकसभा चुनाव से पूर्व ऐसा किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि आयोग तत्काल इस तरह का नियम लागू करने के पक्ष में है।
गौरतलब है कि सजायाफ्ता उम्मीदवारों और रेप व हत्या जैसे जघन्य अपराधों में आरोपी लोगों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का प्रस्ताव वर्ष 1998 से सरकार के पास लंबित है। यह प्रस्ताव चुनाव आयोग की ओर से सरकार के पास भेजा गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग सिर्फ सजायाफ्ता लोगों के चुनाव लड़ने पर ही रोक का पक्षधर नहीं है, बल्कि वह चाहता है कि संगीन अपराधों में आरोपी भी चुनाव नहीं लड़ पाएं। इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से किए जा रहे प्रयास के बारे में पूछे जाने पर संपत ने कहा कि आयोग प्रस्ताव पर मंजूरी हासिल करने की कोशिश में लगा हुआ है।