महाराष्ट्र में मीट की बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर जबरन प्रतिबंध नहीं थोपा जा सकता।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुंबई हाईकोर्ट के फैसले पर दखल देने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने जैन धर्म के पर्व ...पर्यूषण... के दौरान मुंबई में मीट की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के मुंबई नगर पालिका के फैसले पर रोक लगा दी थी।
पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रतिबंध संबंधी फैसले का सहनशीलता के साथ सम्मान करना चाहिए और लोगों की संवेदनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। पीठ ने जोर देते हुए कहा कि समाज के किसी वर्ग पर बैन नहीं थोपना चाहिए। समझदारी से काम लेना चाहिए।