शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने शरद पवार पर निशाना साधते हुए पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखा है कि सिर पर साफा बांधने और कंधे पर कंबल रख लेने से हर कोई महात्मा ज्योतिबा फुले नहीं बन सकता। ठाकरे ने साथ ही कहा कि सुभाष चंद्र बोस की शैली में चश्मा लगाने से कोई नेता जी और न ही नेहरू की तरह कोट में गुलाब का फूल लगा लेने से कोई नेहरू बन सकता है। लेकिन महाराष्ट्र में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं को यह बात कौन बताए।
हाल ही में पुणे की एक सभा में शरद पवार के सिर पर साफा बांधकर और उनके कंधे पर कंबल डालकर सत्कार किया गया। ठाकरे ने सीएम पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि लवासा और राजेंद्र दर्डा के मामले में पृथ्वीराज चव्हाण ने खुद अपनी नाक कटा ली है। सारे कांग्रेसी रॉबर्ट वाड्रा को बचाने में जुटे हुए हैं और एक सुर-ताल में पूरी पार्टी खड़ी नजर आती है। शरद पवार के सिर का साफा और कंधे पर कंबल पूरी तरह ढोंग है।
उनके इस कंबल के नीचे भ्रष्टाचार का गीला कंबल पड़ा हुआ है। ठाकरे ने पवार पर हमला करते हुए यह भी लिखा कि सिर सफाचट कर लेने और हाथ में लाठी लेने से कोई गांधी नहीं बन सकता। इसी तरह इंदिरा गांधी की तरह साड़ी पहन लेने और उनकी तरह चलने की हरसंभव नकल कर लेने के बावजूद सोनिया गांधी में इंदिरा के गुण नहीं दिखते।