शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपनी भावनाओं पर काबू और शांति बनाए रखने को कहा है। भावुक कार्यकर्ताओं द्वारा बाल ठाकरे के निधन के बाद मातोश्री के बाहर बैरीकेड्स तोड़ने की कोशिशें की गईं। पूरी मुंबई में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे कार्यकर्ताओं से कह चुके हैं, ‘मातोश्री का नाम खराब नहीं होना चाहिए।’
शनिवार को जैसे ही बाल ठाकरे के निधन की खबर आई, कार्यकर्ताओं की भावनाओं को काबू में रखने के लिए पार्टी नेता काफी मशक्कत करते दिखे। शांति बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकरों से शिवसैनिकों से अपील की जाने लगी। निधन की खबर पाते ही मातोश्री के बाहर मौजूद महिलाएं एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगीं।
पुलिस को तब बहुत कठिनाई हुई जब नारे लगाते हुए शिवसैनिक बैरीकेड्स तोड़ते हुए शिवसेना प्रमुख के घर के मुख्य दरवाजे पर पहुंचने की कोशिश करने लगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिवाकर राओते ने भीड़ से कहा कि जो बाला साहब का सच्चा अनुयाई है, उसे अनुशासन बनाए रखना चाहिए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करना चाहिए।