बदायूं दुष्कर्म और हत्याकांड में सीबीआई को कुछ ऐसे अहम फोरेंसिक सुराग मिले हैं, जो इस बर्बर घटना की तह तक ले जा सकते हैं। मामले की जांच से जुड़ी तकनीकी रिपोर्टों से संकेत लेते हुए सीबीआई जांच टीम एक सफेद बोलेरो गाड़ी की भी तलाश कर रही है।
एजेंसी के मुताबिक उनकी जांच अब पूरी तरह परिस्थितिजनक साक्ष्यों पर आधारित है। अब तक की जांच के मुताबिक सफेद रंग की एक गाड़ी का पूरी घटना से गहरा संबंध है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आरोपियों और पीड़िता बहनों के पिता व गवाह के पोलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट के बाद मामले की जटिलता कम हो गई है।
सीबीआई को तकनीकी रिपोर्टों का इंतजार
शुरुआती रिपोर्ट से साफ होने लगा है कि पीड़िता चचेरी बहनों के पिता और बाबूराम नाम के गवाह ने अब तक पूरी घटना के संबंध में गलतबयानी की है। जबकि गिरफ्तार पांच आरोपी अपनी बेगुनाही के बारे में शुरू से सच कह रहे थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस की शुरुआती जांच से उपजी तमाम पेचीदगियों को साफ करते हुए सीबीआई पूरी तरह ठोस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अब तक की जांच के मुताबिक बदायूं के गांव कटरा सदातगंज में उस रात जो कुछ भी हुआ उसे जान बूझकर दबाने की कोशिश की गई और कहानी को दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया। हालांकि कहानी की पूरी सफाई के लिए सीबीआई को कुछ और तकनीकी रिपोर्टों का इंतजार है।
हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चल पा रहा है कि बहनों की मौत पेड़ पर लटकाने से पहले हो चुकी थी या नहीं। यही वजह है कि सीबीआई इनकी लाश को कब्र से निकाल कर दोबारा पोस्टमार्टम करवाना चाह रही है। लेकिन कब्र की जगह गंगा का पानी भर जाने की वजह से ऐसा नहीं किया जा पा रहा है।
घटना में पांच से ज्यादा लोग शामिल रहे
एजेंसी सूत्रों के मुताबिक दुष्कर्म के बाद बहनों को पेड़ से लटकाने के लिए किसी ऊंची चीज का इस्तेमाल किया गया है। जांच टीम जिस सफेद बोलेरो गाड़ी की तलाश कर रही है वह उस रात इलाके में देखा गई थी।
टीम को शक है कि लड़कियों को पेड़ से लटकाने के लिए उसी का इस्तेमाल किया गया था। जिस डाल से लाश लटकी हुई पाई गई थी वह करीब 12 फुट ऊंची है। जांच टीम के अनुमान के मुताबिक इस घटना में पांच से ज्यादा लोग शामिल रहे होंगे।
सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि कुछ ऐसे फोरेंसिक सुराग भी मिले हैं जिनके आधार पर पूरे केस को खोला जा सकता है। लेकिन सीबीआई के हाथ फिलहाल दोनों बहनों की विवादित पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कारण बंधे हैं।