अपने आला अफसर के बयान को सच साबित करने के लिए पुलिस जी-जान से जुटी है। बताते हैं कि गांव के ही कुछ लोगों से एसआईटी की बात हुई है। इनमें से कुछ ने वारदात के बारे में अपना पक्ष रखा है।
पुलिस खुलासे के दौरान इन्हें सरकारी गवाह के तौर पर पेश कर सकती है। हालांकि लोग पुलिस को गोपनीय तौर पर जानकारी तो दे रहे हैं पर खुलकर मदद करने से हिचकिचा रहे हैं।
यूकेलिप्टस के बाग को घटनास्थल बनाने के पीछे पुलिस का दावा है कि इसका क्लू वीडियोग्राफी की फुटेज देखने से मिला। यहीं से पुलिस को नए घटनास्थल के बारे में क्लू मिला और बाद में कथित रूप से फोरेंसिक टीम ने वहां से ही साक्ष्यों की बरामदगी की।
'सीबीआई जांच नहीं तो करेंगे आमरण अनशन'
यूपी के बदायूं में दो बहनों से रेप और उनकी हत्या का मामला डीजीपी के बयान के बाद फिर गरमा गया है।
डीजीपी के बयान और मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के तौर-तरीकों पर ऐतराज जताते हुए पीड़ित परिवार सोमवार दोपहर आम के उसी बाग में धरने पर बैठ गया, जहां दोनों लड़कियों के शव लटके मिले थे।
इस बीच बातचीत के लिए मौके पर पहुंचे नवनियुक्त एसएसपी एलआर कुमार से भी पीड़ित परिवार ने डीजीपी के बयान पर नाराजगी जताई। साफ कहा कि सीबीआई जांच की संस्तुति नहीं हुई तो मंगलवार से वे लोग आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
डीजीपी के बयान से आहत है पीड़ित परिवार
पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ कुछ और अन्य ग्रामीण और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह और पीसीसी सदस्य ब्रजपाल सिंह शाक्य भी धरने पर बैठे हैं।
इसी दौरान नवनियुक्त एसएसपी एसआईटी के साथ गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से धरनास्थल पर ही मुलाकात की। पीड़ित परिवार के लोगों ने एसएसपी से कहा कि आपके डीजीपी ने जो बयान दिए हैं, आपकी जांच उससे अलग कैसे हो सकती है?
परिवार के सदस्यों ने कहा कि एक ही बेटी का दुराचार, संपत्ति विवाद और दोषियों को निर्दोष बताने वाली बातें आखिर कैसे कह दी गईं?
पीड़ित परिवार को नोएडा में प्लॉट का लालच!
छोटी बेटी के पिता ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही सीबीआई जांच की मांग की थी। सरकार ने इसे मान भी लिया था फिर एसआईटी का गठन क्यों किया गया?
एसआईटी वाले उनसे रोज उल-जुलूल सवाल आखिर क्यों पूछते हैं? पीड़ित परिवार ने एसएसपी से कहा कि एसआईटी के मुख्य विवेचक सीओ उझानी ने उन्हें प्रलोभन दिया कि वह सीबीआई जांच की जिद छोड़ दें तो प्रदेश सरकार उन्हें नोएडा में प्लॉट दे देगी।
पीड़ित परिवार ने साफ कहा कि कि उन्हें प्रदेश सरकार लालच देकर उनकी मांग से डिगा नहीं सकती है। प्रदेश सरकार और उप्र पुलिस पर उन्हें विश्वास न पहले था और न आज है। आज वे धरना दे रहे हैं। सीबीआई जांच की संस्तुति न हुई तो मंगलवार से आमरण अनशन करेंगे। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच की बात कहकर परिवार को मनाने की कोशिश की पर वे धरने से नहीं उठे।
'हमने मौके पर जाकर घटनास्थल का मुआयना किया। एसआईटी से जांच की प्रगति पूछी। पीड़ित परिवार को समझाया जा रहा है। सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई है। सीबीआई जांच मंजूर होने तक ही एसआईटी से विवेचना कराई जा रही है। नोएडा में प्लॉट देने की बात भ्रामक है। एसआईटी ने इस तरह की कोई बात नहीं कही है।'
--- एलआर कुमार, एसएसपी