संघ लोक सेवा आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को घोषित सिविल सेवा के परिणाम में आईएएस फैक्ट्री कहे जाने वाले इलाहाबाद को करारा झटका लगा है। कभी आईएएस-आईपीएस में देश भर में सबसे अधिक सेलेक्शन देने वाले इलाहाबाद को निराशा मिली है।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में 2011 में लागू बदलाव का असर यह रहा कि हिंदी पट्टी से इस बार भी गिनती के परीक्षार्थी सफल हुए थे।
आयोग की ओर से प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव कर सीसैट लागू करने के बाद हिंदी पट्टी के विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले विषयों इतिहास, राजनीति शास्त्र, दर्शनशास्त्र आदि का असर खत्म हो गया।