उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है।
ये मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। सभी को न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए। अगर हालात खराब करने की कोशिश की गई तो इसका नुकसान देश को होगा।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान से पत्थरों की खेप पहुंचने के सवाल पर आजम खां ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम के कई मंदिर हैं, कई महंत भी हैं। सभी अपने-अपने मंदिर को ही असली मंदिर बताते हैं। हमें इस झगड़े में नहीं पड़ना है।
मामला कोर्ट में है तो फैसले का इंतजार करें। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और आरएसएस के समझौते से वहां पर चबूतरे का निर्माण हुआ था। पूजा भी होती है।
'अन्याय के कोख से पैदा होती है अराजकता'
न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बाद भी अगर निर्माण शुरू होता है तो प्रदेश सरकार का क्या रुख होगा, इस सवाल पर आजम खां ने कहा कि सरकार फैसला करेगी। कानून के मुताबिक जो कदम उचित होगा, उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये मुद्दा इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही है। महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, लूटमार जैसी समस्याएं ज्यों की त्यों खड़ी है। भाजपा ने चुनावों के दौरान जो वादा किया था, अब जनता उसका हिसाब मांग रही है।
जनता का ध्यान मुख्य मुद्दे से हटाने के लिए मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री को चिंता सता रही है कि आईएसआईएस की जड़े हमारे यहां भी फैल रही हैं। उनको एक बात का ख्याल रखना चाहिए कि अन्याय की कोख से ही अराजकता पैदा होती है, जिसका नुकसान समाज को भी होता है।