सप्ताह भर पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत का मजाक उड़ाया था, अब यही हरकत एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार ने की है। द आस्ट्रेलियन ने एक कार्टून छापा है, जिसमें पगड़ी और धोती पहने ग्रामीण दिख रहा एक परिवार सोलर पैनल खा रहा है।
ये कार्टून ऑस्ट्रेलिया के मशहूर कार्टूनिस्ट बिल लीक ने बनाया है। कार्टून में एक बुजुर्ग दूसरे बुजुर्ग से कह रहा है, ''ये अच्छे नहीं हैं। तुम इसे खा नहीं सकते।" सामने सोलर पैनल के पैकेट पड़े हैं और उन पर संयुक्त राष्ट्र का प्रतीक चिन्ह बना है। पास ही में एक महिला और बच्चा बैठा है, जबकि धोती पहने और हाथ में हथौड़ा लिए एक आदमी तोड़ने की मुद्रा में दिख रहा है। वहीं टूटे हुए कांच के टुकड़े पड़े हुए हैं।
उस बुजुर्ग की बात सुनकर एक दूसरा आदमी कहता है, ''रुको तो, मुझे एक टुकड़ा आम की चटनी से खाने दो।" कार्टून की भाषण और भारतियों को दिखाने के तरीके पर सोशल मीडिया में सवाल उठा रहा है। इसे नस्लभेदी बताया जा रहा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी छापा था आपत्तिजनक कार्टून
ऑस्ट्रेलियाई अखबार में ये कार्टून सोमवार को छपा था। पेरिस में जलवायु सम्मेलन पिछले सप्ताह ही समाप्त हुआ है और कार्टून से स्पष्ट है कि भारत का मजाक उड़ाने का प्रयास किया गया। भारत पेरिस जलवायु सम्मेलन में प्रमुख वार्ताकारों में शामिल था।
इससे पहले पिछले सप्ताह अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने जलवायु सम्मेलन में भारत के रुख पर टिप्पणी करते हुए एक कार्टून छापा था। उस कार्टून में भी भारत को जिस प्रकार दिखाया गया, व्यंग्यात्मक कम और आपत्तिजनक अधिक था।
उल्लेखनीय है पेरिस जलवायु सम्मेलन में भारत विकसित देश, जिनके यहां प्रतिव्यक्ति कार्बन उत्सर्जन का दुष्प्रभाव अधिक है, उन्हें उत्सर्जन कटौती अधिक करने के लिए दबाव बनाता रहा और उसका कहना था कि विकासशील देशों पर कम बोझ डाला जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस जलवायु सम्मेलन में दिए भाषण में कह था कि भारत विकासशील देश है और उसे विकास का मौका दिया जाए।
भारत के मंगल मिशन का भी उड़ाया था मजाक
न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे कॉर्टून में भारत को एक हाथी के रूप में दिखाया गया था, जो पेरिस जलवायु सम्मेलन की ट्रेन के आगे ट्रैक पर अड़कर बैठा रहा। कार्टून का शीर्षक है-पेरिस जलवायु सम्मेलन में भारत। कार्टून में जो ट्रेन के दिखाई गई है, उसमें कोयले का इंजन लगा है, यानी ये कार्बन उत्सर्जन क प्रतीक है।
कार्टून का आशय यह था कि कार्बन उत्सर्जन के लिए भारत जिम्मेदार है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत का मजाक पहली बार नहीं उड़ाया था। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में न्यूयॉर्क टाइॅम्स ने भारत के मंगल मिशन का मजाक उड़ाया था।
भारत ने उस समय मंगल ग्रह के लिए अपना मिशन रवाना किया था। मंगल ग्रह के लिए पहली बार ही सफल मिशन भेजना वाला भारत पहला देश बना था। उस समय न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक कार्टून छापा था, जिसमें गांव के एक आदमी अपने बैल के साथ एलीट स्पेश क्लब का दरवाज खटखटा रहा था।