देश में पर्यटन बढ़ाने और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार की ओर से लगातार कोशिशें की जा रही हैं। बाकायदा अतिथि देवो भव कैंपेन भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद अतिथि से बदसलूकी का एक मामला सामने आया है।
ये घटना कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू की है। जहां एक आस्ट्रेलियाई दंपत्ति से कुछ लोगों द्वारा बदसलूकी की गई। 'द हिंदू' में छपी खबर के मुताबिक नाराज लोगों ने दंपत्ति पर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
दरअसल बंगलुरू घूमने आए इस दंपत्ति ने हिंदू देवी येलेमा का टैटू अपने शरीर बनवाया था। जैसे ही इस बात का पता इस समूह को चला उन्होंने दंपत्ति को घेर लिया और उनके साथ बदसलूकी की। इतना ही नहीं मामले में पुलिस से भी उन्हें सहयोग नहीं मिला।
पुलिस से भी नहीं मिला सहयोग
पुलिस ने दंपत्ति से पहले तो विरोध करने वाले लोगों से माफी मंगवाई फिर उन्हें धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के आरोप में हिरासत में भी ले लिया।
मामला शनिवार दोपहर 2 बजे का है। जब आस्ट्रेलिया के मेलबर्न से आए मैथ्यू गॉर्डन और उनकी महिला मित्र एमिली कैसिनाऊ को कुछ लोगों ने घेर लिया। उन्होंने दंपत्ति से पैरों में बनवाए हिंदू देवी के टैटू हटाने की मांग करते हुए बदसलूकी शुरू कर दी। इस हंगामे के दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस टीम को जब पूरा मामला पता चला तो उन्होंने आस्ट्रेलियाई दंपत्ति से कहा कि ये भारत है और यहां देवी-देवताओं का टैटू पैर में बनवाने की इजाजत नहीं है।
'जांच के बाद होगी कार्रवाई'
इस बीच विवाद बढ़ने पर उन्हें बंगलुरू के अशोक नगर पुलिस थाने ले जाया गया। जहां दंपत्ति के स्थानीय दोस्त अभिषेक ने उन्हें छुड़ाया।
आस्ट्रेलियाई दंपत्ति का आरोप है कि विरोध करने वालों ने 'उनके कपड़े उतरवाए', साथ ही पुलिसकर्मियों ने भी विरोध करने वाले समूह के सामने ही 'उन्हें हिंदुत्व का पाठ पढ़ाया।' दंपत्ति के मुताबिक पुलिस ने मैथ्यू से जबरन माफीनामा लिखवाया और करीब 3 घंटे तक थाने में बैठाए रखा।
पूरे मामले पर जब बंगलुरू के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (सेंट्रल) संदीप पाटिल से बात की गई तो उन्होंने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
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